लाढ़ौत का लक्की बन रहा गरीबों के लिए ‘लकी’
विनीत तोमर
रोहतक। बचपन से ही एक्टिंग का शौक, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण आगे बढ़ने मौका नहीं मिला। जहां भी अवसर मिलता आर्थिक स्थिति रुकावट बनकर आड़े आ जाती। फिर भी इस नौजवान ने हिम्मत नहीं हारी और साल 2015 में पहला गाना खुद तैयार किया और खुद ही उसमें एक्ट किया। बचपन में तंगहाली के कारण अपने सपने पूरे नहीं कर सका, लेकिन अब सिंगिंग और एक्टिंग से मिलने वाले रुपयों से गरीब बच्चों के सपने पूरे करने की कोशिश जरूर कर रहा है। यहां बात हो रही है लाढ़ौत गांव के कलाकार लक्की उर्फ दीपू की।
लाढ़ौत के रहने वाले 25 वर्षीय लक्की के परिवार में उसके पिता बालकिशन, मां राजो देवी, बड़े भाई अशोक और भाभी है। बकौल लक्की, उसके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले बहुत कमजोर थी। बचपन से ही लक्की को सिंगिंग और एक्टिंग का शौक था। इस क्षेत्र में जब भी आगे बढ़ने की कोशिश करता तो परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण हमेशा पीछे हटना पड़ा। हालांकि परिवार की तरफ से पूरा सपोर्ट मिला, लेकिन कुछ सपने पूरा नहीं कर सका। कुछ साल पहले लक्की ने दिल्ली एनएफटी से आर्किटेक्ट का कोर्स किया और वहीं से उसकी मंजिल दिखाई देने लगी। साथी कलाकारों से प्रेरणा लेकर उसने वर्ष 2015 में ‘द रेन रियल स्टोरी’ नाम से गाना तैयार किया। इस गानों को उसके सर्कल के साथ-साथ यू-ट्यूब पर खूब सराहा गया। इसके बाद उसने एक के बाद एक 35 से गाने और शार्ट फिल्म बनाई। खास बात यह है कि सिंगिंग और एक्टिंग से मिलने वाले रुपयों का कुछ हिस्सा वह हमेशा गरीब बच्चों की मदद के लिए रखता है। मौका मिलते ही वह गरीब बच्चों के लिए किताबें, कपड़े और खाने-पीने का समान खरीदकर उन्हें बांट देता है। लक्की का कहना है कि उसका बचपन तंगहाली में बीता है। गरीबी क्या होती है उसे पता है। इसीलिए अपने स्तर पर जितनी मदद हो सके गरीब बच्चों की करता हूं।
‘नंगे पांव’ में दिखेगा गुलशन ग्रोवर के साथ
हाल ही लक्की की एक फिल्म ‘नंगे पांव’ आने वाली है। इस फिल्म में वह अभिनेता गुलशन ग्रोवर के साथ दिखाई देगा, जिसमें वह एक खिलाड़ी की भूमिका में है। इसके अलावा जल्दी ही ‘इंतजार’ नाम का एक एलबम भी रिलीज होना वाला है।
सिंगिंग और एक्टिंग का शौक, पढ़ाई सिविल इंजीनियरिंग की
लक्की ने बताया कि उसकी शुरुआती पढ़ाई गांव में और फिर रोहतक में हुई। सीआर पालिटेक्टिक में उसने सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स भी किया है। हालांकि यह कोर्स उसके प्रोफेशन से बिल्कुल अलग है, लेकिन फिर भी उसने दिन-रात मेहनत कर यह कोर्स पूरा किया।