ब्लैकआउट : गर्मी में बिलखते रहे बच्चे, लोग रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
सेक्टर-10 की 33 केवी लाइन का जंफर उड़ने से बुधवार की रात लोगों को घरों से बाहर बितानी पड़ी। निगम की तैयारियों का आलम यह है कि रात को 9.45 पर जंफर उड़ने के बाद निगम कर्मचारियों को कई घंटे फॉल्ट ढूंढने में लग गया। किसी तरह से वीरवार सुबह 3.45 बजे पर लाइन शुरू हुई तो बिजली बक्सा फटने से फिर अंधेरा छा गया। यह स्थिति सुबह दस बजे तक रही। पूरी रात शहर का अधिकांश में ब्लैकआउट की स्थिति रही।
बुधवार की रात 10 हजार घरों में रहने वाले करीब 35 हजार लोग उमस और गर्मी से बेहाल रहे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि समस्या को लेकर लाइन मैन से लेकर एसडीओ तक के फोन खड़काए, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। वीरवार सुबह करीब दस बजे जाकर बिजली की आपूर्ति सुचारु हो पायी। उमस के कारण बिना कूलर, पंखे के बिना लोग हलाकान रहे।
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बिजली-पानी को तरसे लोग
रातभर बिजली गुल रहने के बाद 35 हजार लोगों के पास नित्यक्रिया के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं था। बिजली नहीं होने से पानी की मोटर नहीं चल पाई। इसके चलते लोगों के बर्तन सूखे रह गए। उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकतर समय पानी सप्लाई के वक्त बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महीने में दो-तीन बार 500-700 रुपये का पानी का टैंकर खरीदना पड़ता है, लेकिन अधिकारियों को इसकी फिक्र नही है।
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घर से बाहर कार में सोए नौनिहाल
रात भर बिजली गुल रहने का खामियाजा बड़ों का ही नहीं नौनिहालों को भी झेलना पड़ा। आधी रात के बाद इन्वर्टर डेड होने के बाद घरों में नौनिहालों ने बिलखना शुरू कर दिया। जिन लोगों के पास साधन नहीं थे, वह घर के बाहर बच्चों को लेकर घूमते रहे। वहीं कुछ लोगों ने अपने बच्चों को कार का एसी चलाकर वहां पर सुलाया। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि लोगों के पास शिकायत करने के अलावा कोई चारा नही है। वहीं रात के समय अधिकारी भी फोन नहीं उठाते हैं।
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ये एरिया रहे प्रभावित
33 केवी लाइन का जंफर उडने से करीब सात फीडर से जुड़े उपभोक्ता प्रभावित रहे। इनमें विजय नगर, उत्तम नगर, आजाद नगर, आनंद नगर, हुडा बाईपास पर स्थित आवासीय सोसायटी, पूर्ण नगर, सेक्टर-4, जेसी-3 और अन्य कॉलोनियों के साथ मॉडल टाऊन में बिजली गुल होने से लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ा।
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नहर ओवरफ्लो होने से हो सकता था बड़ा हादसा
33 केवी लाइन मेें फॉल्ट होने से बुधवार रात के समय जेसी-3 की बिजली बाधित होने पर नहरी पानी के ओवरफ्लो का संकट गहरा गया था। पंप बंद होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों और बिजली निगम की नींद उड़ गई। फॉल्ट नहीं मिलने के बाद समस्या बढ़ती देख निगम के अधिकारियों ने लाइन को बाईपास कर जेसी-3 को चालू किया। यदि पंप चालू करने में थोड़ी भी देर होती तो सैकड़ों एकड़ फसल खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता था।
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वर्जन-
पूरी रात बिजली की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ा है। रात भर फोन किया गया लेकिन एसडीओ और जेई सहित किसी ने फोन नहीं उठाया। कार्यकारी अभियंता ने फोन जरूर उठाया लेकिन समाधान नहीं हेा पाया। अधिकारियों का यही रवैया रहा तो सीएम को शिकायत की जाएगी। - गुरदयाल नंबरदार, मार्केट कमेटी चेयरमैन एवं निवासी विजय नगर
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रात के समय बिजली नहीं आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आधी रात के बाद इन्वर्टर डेड हो गए। इसके बाद छोटे दो बच्चों को कार में सुलाकर रात गुजारनी पड़ी। - विकास ढिल्लन, निवासी सेेक्टर-4
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रात के समय 9.45 पर बिजली जाने के बाद हम अधिकारियों को फोन करते रहे। लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाए। रात के समय एसडीओ को करीब दस बार फोन लगाया लेकिन नहीं उठाया। इसके बाद जेई और लाइनमैन ने भी फोन नहीं उठाया। पूरी रात परेशानी का सामना करना पड़ा। - विजय यादव, प्रधान सेेक्टर-4 हाऊसिंग बोर्ड
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बुधवार की रात 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मैंने पूरी रात जगकर लोगों की समस्या का समाधान कराया है। बात रही एसडीओ ने फोन नहीं उठाने की लोगों की शिकायतें मिल रही हैं। मामला संज्ञान में है। जांच कराई जाएगी। वहीं लोगों को भी सीधे अधिकारियों को फोन करने की बजाय शिकायत केंद्र पर फोन करना चाहिए। इससे समस्या का समाधान भी जल्द होता है। रेवाड़ी में भी एक शिकायत सेंटर बनाया जाएगा। - सत्यवीर यादव, कार्यकारी अभियंता, रेवाड़ी डिवीजन