एक तरफ दिल्ली चुनाव को लेकर प्रदेश की राष्ट्रीय राजधानी में सियासी माहौल गरम है, दूसरी तरफ प्रदेश की राजनीतिक राजधानी रोहतक में कांग्रेस व भाजपा नेताओं के बयानों से माहौल गरमा गया। कांग्रेस के विधायक भारत भूषण बतरा ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री कविता जैन व मनीष ग्रोवर की शहर पर प्रदेश में केंद्र सरकार के अमरुत प्रोजेक्टों में 39.31 करोड़ का गोलमाल हुआ है, जिनकी सीबीआई, स्टेट विजिलेंस या एसआईटी गठित करके जांच करवाई जाए। उधर, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने जवाब दिया है कि चुनाव से पहले बतरा कहते थे कि विकास के काम नहीं हुए, लेकिन अब कैसे नजर आ रहे हैं।
पब्लिक हेल्थ से कराना था अमरुत प्रोजेक्ट का काम, जानबूझ कर स्थानीय निकाय को दिया : विधायक
विधायक भारत भूषण बतरा का आरोप है कि भाजपा सरकार जीरो टोलरेंस पालिसी का दावा करती है और विकास कार्यों में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हो रहा है। जो कार्य पब्लिक हेल्थ करने में एक्सपर्ट था वह जालसाजी के तहत स्थानीय निकाय से कराया गया। इसमें तत्कालीन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व तत्कालीन शहरी निकाय मंत्री कविता जैन जिम्मेदार हैं। हैरानी की बात है कि हाई पावर पर्चेज कमेटी और रेट कांट्रेक्ट होने के बाद भी ठेकेदारों से 45 फीसदी अधिक कीमत पर सामान की खरीद की गई। सोनीपत, रोहतक, हिसार, रेवाड़ी, अंबाला, पानीपत पांच नगर निगम व एक नगर परिषद में ही 39.31 करोड़ का गोलमाल किया गया है। यदि 22 जिलों का डाटा खंगाला जाए तो बहुत बड़ा घोटाला सामने आएगा। इसकी जांच स्टेट विजिलेंस, सीबीआई या एसआईटी से कराई जानी चाहिए। वह इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में उठाएंगे। बतरा ने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर कहा कि बिना पॉलिसी बनाए गांधी कैंप की दुकानें व मकानों को तोड़ दिया गया। एक साल बाद अफसरों की कमेटी बनाई गई जो अपनी रिपोर्ट चंडीगढ़ स्थानीय निकाय को भेजेगी। इसके बाद जो कार्रवाई होगी, उसका इंतजार करना होगा। लोगों का जमा जमाया रोजगार ठप हो गया और बेरोजगारी की समस्या बढ़ गई है।
सीबीआई को केंद्र का तोता बताने वाले हुड्डा से पूछ लें पहले बतरा, किससे जांच कराएं : ग्रोवर
उधर, भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कांग्रेस विधायक बीबी बतरा के आरोपों पर पलटवार किया है। ग्रोवर का कहना है कि चुनावों से पहले विधायक कहते थे कि रोहतक में विकास का कोई काम नहीं हुआ। अब पत्रकार वार्ता कर विधायक स्वयं मान रहे हैं कि केंद्र की मोदी सरकार ने अमरुत योजना के तहत प्रदेश की जनता के लिए करीब ढाई हजार करोड़ रुपये जारी किए और काम हुआ। उन्होंने कहा कि विधायक को तकलीफ है कि रोहतक शहर की बाहरी कालोनियों में रहने वाले गरीब लोगों की गलियों में सीवरेज की लाइन, पानी की लाइन और सड़कें क्यों बनाई गई? लोगों को मूलभूत सुविधाएं देना भाजपा की प्राथमिकता में है और वही मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई गई हैं। कांग्रेसी विधायक ने जो आपत्ति जताई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। इससे साफ झलकता है कि उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सुविधाएं कैसे प्रदान हुई? पूर्व मंत्री ग्रोवर ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रत्येक विधायक से पांच करोड़ रुपये के कामों का एस्टीमेट मांगा था और इसे इस साल 31 जनवरी तक भेजना था, लेकिन दुर्भाग्य है कि विधायक भारत भूषण बतरा को विधायक बने हुए तीन माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक सरकार के पास विकास के कामों का एस्टीमेट तक नहीं भेजा है। सीबीआई जांच की मांग करने वाले पहले सोचें कि उनके नेता पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा इसे केंद्र का तोता बताते हैं। ऐसेे में क्या विधायक को सीबीआई पर भरोसा है? रही बात एलिवेटेड रेलवे ट्रैक से विस्थापित लोगों की तो उनके साथ पूरा न्याय होगा। जिस तरह एलिवेटेड रोड चालू होने के बाद लोगों को राहत मिली है, ठीक वैसे ही इस प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद राहत मिलेगी। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।