रोहतक/सांपला। डंकी रूट से अमेरिका भेजे गए गिझी निवासी रोहित को अमेरिका भेजने के लिए 18 लाख रुपये में बात हुई थी और उससे जबरन 56 लाख रुपये वसूले गए। उसमें भी उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा जा रहा था और बाॅर्डर पर पहुंचने के बाद ही डिपोर्ट कर दिया गया। सांपला थाना पुलिस ने सोमवार रात विदेश भेजने वाले गिरोह के 6 सदस्यों, सोनीपत के गामड़ी गांव निवासी आशु व अंकुश, कैमला निवासी अंकुश, राजेंद्र, मुकेश और मातन निवासी मंदीप आदि के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में रोहित ने बताया कि उसे सोनीपत के गांव गामड़ी निवासी अंकुश मलिक ने संपर्क किया था। उसने बताया था कि उसका भाई आशु मलिक अमेरिका में रहता है और कानूनी वीजा से अमेरिका भिजवा सकता है। उसने दावा किया कि उनके भाई के माध्यम से पहले भी कई लोगों को अमेरिका भेजा जा चुका है।
अमेरिका भेजने का खर्च 18 लाख रुपये आता है। कॅरिअर और परिवार की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अमेरिका जाना उचित समझा और राजी हो गया। अंकुश ने अपने भाई आशु से बात कराई तो कहा कि उनसे संदीप संपर्क करेगा। साथ ही, बताया कि अमेरिका से पहले उसे अजरबैजान भेजा जाएगा। वहां से टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 25 अप्रैल को उसे अजरबैजान भेजा गया और कहा कि यहां से तीन-चार स्थानों पर यात्रा करनी होगी। इससे उनकी ट्रैवल हिस्ट्री बन सकेगी। अजरबैजान से उनको कजाकिस्तान और फिर वहां से भारत वापस भेजा गया।
रुपये नहीं देने पर पीटा गया और प्रताड़ना दी गई
सूरीनाम पहुंचने पर 35 लाख की राशि न देने पर आरोपियों ने उनका वहां रहने वाले साथियों से शारीरिक उत्पीड़न कराना शुरू कर दिया। उसे बिना खाना दिए चार दिन छोटे से कमरे में कैद रखा। उनका मोबाइल, पासपोर्ट, अन्य दस्तावेज और पर्स आदि छीन लिए गए थे। विदेश भेजने वाले गिरोह के सदस्य राजेंद्र ने परिवार के लोगों को डराया तो उन्होंने भय से 20 लाख नकद और दो लाख रुपये ऑनलाइन भेज दिए, लेकिन राजेंद्र ने आशु और संदीप आदि को 16 लाख ही दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने उसे सूरीनाम से गुयाना और ब्राजील भेजा। वहां पर फिर संदीप ने 11 लाख रुपये और फिर फोन बंद कर लिया।
इसके बाद और रुपये न देने पर एक खदान में ले जाकर छोड़ दिया। परिवार के लोगों से बात नहीं हुई तो उन्होंने आरोपियों से बात की और फिर रुपये लेकर उसे ब्राजील से बोलिविया, पेरू, इक्वाडोर और वहां से कोलंबिया भेजा। वहां पर फिर रुपये की मांग की गई और परिजन से रुपये मिलने के बाद पनामा, कोस्टारिका, निकारागुआ, होंडुरस और ग्वाटेमाला भेजा गया। इन देशों के एजेंट को रुपये नहीं दिए तो उन्होंने खाना बंद कर दिया और आगे भेजने से भी इन्कार कर दिया। उनके परिवार ने फिर रुपये दिए और उसके बाद मैक्सिको ले जाया गया। यहां पर उनको डेढ़ माह तक रखा गया।
रोहित की शिकायत पर डंकी रूट से विदेश भेजने वाले 6 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी सांपला।