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कार्रवाई कर नहीं रही भाजपा सरकार, मेयर ने धन्यवाद किया पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का

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फोटो सहित...........
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फ्लैग : नगर निगम का फर्नीचर घोटाला : निगम ने पार्षदों से वापस मांगा फर्नीचर
हेडिंग : वाह री सरकार, खुद की विजिलेंस से करवाई जांच, मेयर समेत खरीद कमेटी उत्तरदायी ठहराई, फिर भी दो साल में कार्रवाई की न क्लीन चिट दी
: पांच साल सफलतापूर्वक पूरे करने पर मेयर रेनू डाबला ने दिल्ली पहुंच कर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का किया धन्यवाद
: बोली, पूर्व सीएम के आशीर्वाद से पहले पार्षद फिर बनी मेयर, अब किया कार्यकाल भी कामयाबी से पूरा
: सहकारिता मंत्री कार्रवाई के नाम पर साधे हुए हैं फर्नीचर घोटाले पर चुप्पी
: मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के कार्यालय में बुधवार को विदाई पार्टी
: निगम ने 2014 में खरीदा था 19 लाख का फर्नीचर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम के फर्नीचर घोटाले में चार साल बाद भी ढाक के तीन पात हैं। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दंभ भरने वाले भाजपा सरकार ने खुद की विजिलेंस से करवाई जांच। दो साल पहले रिपोर्ट आने के बावजूद फर्नीचर घोटाले में न तो कार्रवाई की और न ही खरीद कमेटी को क्लीन चिट दी। अब 30 जून को पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इस पर सोमवार को मेयर रेनू डाबला दिल्ली पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास स्थान पर पहुंची और पांच साल का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा होने पर पूर्व सीएम का धन्यवाद किया और आगे के लिए आशीर्वाद लिया।
निगम के 2013 में चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस समर्थक पार्षदों का दबदबा रहा। 20 में से 13 पाषर्द कांग्रेसी बने। हाउस ने साल 2014 में हर वार्ड के अंदर पब्लिक सुविधा केंद्र खोलने के लिए फर्नीचर खरीदने का फैसला किया गया। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, अकाउंटेंट विकास कुमार व एमई जगदीश चंद्र को शामिल किया गया। खरीद कमेटी ने फर्नीचर खरीदने के लिए तीन कोटेशन मंगवाई गई। एक फर्म से 18 लाख से ज्यादा में फर्नीचर खरीदा गया। जनवरी 2015 में निगम की ओर से राशि जारी कर दी गई। तभी सवाल उठने लगे कि निगम ने यह फर्नीचर मार्केट रेट से ज्यादा पैसे में खरीदा है। बाद में फर्नीचर सप्लाई करने वाले व्यापारी ने एक लाख 42 हजार रुपये का चेक निगम के खाते में जमा करवा दिया। जांच के दौरान केस की प्रापर्टी मानकर निगम की अकाउंट ब्रांच ने अभी तक चैक को भुनाया नहीं है।
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पहले ट्रेनी आईएएस विक्रम सिंह, फिर विजिलेंस ने मानी अनियमितता
मामले की पहले रोहतक ट्रेनिंग पर आए आईएएस अधिकारी विक्रम सिंह ने जांच की। जांच में उन्होंने खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी मानी। इसके बाद 2016 में विजिलेंस ने जांच पड़ताल की। विजिलेंस ने जांच में फर्नीचर की खरीद में वित्तीय अनियमितता मानी है। इसके बाद से फाइल सीएम हाउस, शहरी निकाय मंत्री कविता जैन तो कभी विभाग के निदेशक आनंद मोहन शरण की टेबल के चक्कर काट रही है। अब एमई जगदीश जहां रिटायर हो गए हैं, जबकि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का कार्यकाल 30 जून को पूरा हो रहा है। सरकार ने न तो खरीद कमेटी को क्लीनचिट दी और न ही कार्रवाई की।

अब तो मैंने भी उम्मीद छोड़ दी, पार्षदों से भी क्यों बुरा बनूं
मैंने भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर सीएम से मामले की विजिलेंस जांच की मांग की थी। जांच के बाद कार्रवाई की उम्मीद बंधी थी, लेकिन सरकार ने आज तक कुछ नहीं हुआ। मैंने तो उम्मीद ही छोड़ दी है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर से भी क्यों बूरा बनूं।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद एवं मामले में शिकायकर्ता।

निगम पार्षद वापस लौटाएं फर्नीचर
30 जून को निगम पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। डीएमसी इंद्रजीत कुल्हाड़िया की तरफ से 20 पार्षदों को पत्र लिखकर कहा है कि निगम ने 31 जुलाई 2014 को 6 बाई 3 की एक मेज, एक रिवाल्विंग चेयर, 25 प्लास्टिक की चेयर, एक 36बाई 19 की अलमारी, 6 आफिस चेयर उपलब्ध करवाई थी। एक पार्षद को करीब 80 हजार के करीब का फर्नीचर दिया गया था। ऐसे में यह फर्नीचर व अन्य सामान तत्काल निगम कार्यालय में जमा करवाया जाए।

सूरजमल रोज ने नहीं लिया था फर्नीचर
निगम की तरफ से सभी 20 पार्षदों को पत्र भेजा गया है, लेकिन निगम पार्षद सूरजमल रोज का कहना है कि उसने निगम का फर्नीचर तो दूर यहां तक मासिक वेतन भी लेने से इनकार कर दिया था।

तीनों मेयर कल देंगे स्टाफ को पार्टी, हाउस की पार्टी अभी तय नहीं
मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा व डिप्टी मेयर अशोक भाटी बुधवार को अपने कार्यालय में स्टाफ को खुद की तरफ से विदाई पार्टी देंगे। उधर, निगम की तरफ से कहा गया था कि स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में अच्छी रेंकिंग आने पर पार्टी होगी। अब निगम भी टॉप 100 में आ चुका है। हालांकि निगम आयुक्त बदलने के कारण पार्टी पर संशय है। नए आयुक्त मंगलवार को आएंगे। तब मेयर उनसे बात करेंगी।

हुड्डा के आशीर्वाद किया कार्यकाल पूरा : मेयर
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं। पहले वे पार्षद बनी। अब पूर्व सीएम के आशीर्वाद मेयर का कार्यकाल पूरा किया। इसी के चलते धन्यवाद करने के लिए सोमवार को ससुर आजाद डाबला के साथ दिल्ली पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलने गई थी। जहां तक फर्नीचर खरीद मामले की बात है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। अगर कोई गड़बड़ी होती तो भाजपा सरकार अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई कर देती।
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- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम

सहकारिता मंत्री फर्नीचर घोटाले पर कभी खुलकर नहीं बोले
स्थानीय विधायक एवं सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर अपने भाषणों में चेतावनी देते हैं कि भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। कभी सलाखों के पीछे भेजने की चेतावनी देते हैं। साथ ही भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस पर सरकार की पीठ थपथपाते हैं। निगम के फर्नीचर घोटाले पर विजिलेंस की रिपोर्ट में साफ-साफ खरीद-फरोख्त में अनियमितता बताई गई। इसके बावजूद अपने शहर के मामले में मंत्री खुलकर नहीं बोले। मीडिया द्वारा सवाल पूछने पर केवल इतना ही कहां कि, मामले में कानून अपना काम करेगा। 2014 में उजागर हुए मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब भी पूरे मामले में पक्ष जानने के लिए मंत्री से संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उनके मीडिया सलाहकार से बात की। उन्होंने जल्द मंत्री से बात कर पक्ष रखने की बात कही, लेकिन पलटकर फोन नहीं आया।
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