रोहतक में हर माह करीब 35 करोड़ की बिजली चोरी
सर्किल में सबसे ज्यादा बिजली की चोरी रोहतक जिले में, बिजली निगम के सारे प्रयास हुए असफल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम रोहतक बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। इससे विभाग को हर माह करीब 40-45 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी ग्रामीण इलाकों में है। विभागीय आंकड़े गवाही देते हैं कि 70 फीसदी बिजली चोरी अकेले ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। वहीं, बिजली चोरी रोक पाने में नाकाम विभागीय अधिकारियों की अब सांस फूलने लगी हैं। समझ नहीं आ रहा कि कैसे बिजली चोरी रोकी जाए। उनका तर्क है कि यदि जरा भी सख्ती की जाती है, तो राजनीतिक स्तर से विरोध होने लगता है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि सर्किल के जिले रोहतक, सोनीपत, झज्जर, पानीपत में बिजली चोरी का आंकड़ा देखा जाए तो सबसे ज्यादा चोरी रोहतक में होती है, जो करीब 36 फीसदी है। इसके बाद झज्जर में 29 फीसदी, सोनीपत में 26 और पानीपत में 20 फीसदी है। रोहतक में शहरी आवासीय क्षेत्र में 14 फीसदी, ग्रामीण इलाके में 70 फीसदी, इंडस्ट्रीज में 15 व एग्रीकल्चर सेक्टर में तीन फीसदी बिजली चोरी होती है। यदि इस चोरी से आर्थिक नुकसान का आंकलन किया जाए तो अकेले ग्रामीण इलाके में 35 करोड़ रुपये का हर माह नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को रोकने के लिए किए गए सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी को रोकना बड़ी चुनौती है क्योंकि हर प्रयास फेल हो गए हैं। यदि कहीं पर छापेमार कार्रवाई की जाती है, तो विरोध शुरू हो जाता है। विरोध को राजनीतिक रंग दे दिया जाता है। शासन भी नहीं चाहता है कि किसी भी तरह का विरोध हो और माहौल सरकार के विपरीत जाए। जिसकी वजह से कोई भी प्रयास सफल नहीं हो रहा। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बिजली चोरी का ग्राफ गिराने के लिए रणनीति बनाई गई है कि बिजली की आपूर्ति का समय घटा दिया जाए।
...तो फ्रेंचाइजी रोकेगी बिजली चोरी
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि फैसला लिया गया है कि फ्रेंचाइजी (ठेका) के माध्यम से बिजली चोरी रोकी जाएगी। फ्रेंचाइजी के कर्मचारी लगातार तारों और मीटरों की मॉनिटरिंग करेंगे। यदि फ्रेंचाइजी लक्ष्य से ज्यादा बिजली चोरी रोकेगी तो उसे पुरस्कार की राशि भी मिलेगी।
फिलहाल निकालेंगे रथ यात्रा
अधिकारी बताते हैं कि बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली निगम रथ यात्रा भी निकालेगा। जिसके माध्यम से अच्छे उपभोक्ताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि बिजली चोरी जितनी कम होगी उतनी ज्यादा बिजली खरीदकर अबाध आपूर्ति किया जाना संभव होगा।
सर्किल में देखा जाए तो सबसे ज्यादा बिजली चोरी रोहतक जिले में हैं। रोहतक में भी 70 फीसदी बिजली चोरी ग्रामीण इलाकों में हो रही है। इससे विभाग को हर माह 40-45 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसको रोकने को किए सारे प्रयास फेल हो रहे हैं। जब भी बिजली चोरी रोकने के लिए कार्रवाई होती है, तो विरोध शुरू हो जाता है जिसे राजनीतिक रंग दे दिया जाता है। जल्द ही रथयात्रा निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- सुरेश कुमार बंसल, अधीक्षण अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम