सीएम घोषणा की लेटलतीफी पर नपा सचिव और एमई से मांगा स्पष्टीकरण
चरखी दादरी।
सीएम मनोहर लाल खट्टर की घोषणा के 15 माह बाद भी जिले में धरातल पर विकास कार्य शुरू नहीं हुए हैं। घोषणा के अनुसार नगर परिषद को पांच करोड़ के विकास कार्य करवाने हैं। अब तक इस मामले में चल रही लेटलतीफी पर शहरी निकाय निदेशालय के चीफ इंजीनियर ने सचिव संजय यादव व एमई हरिकिशन शर्मा से इस देरी का कारण पूछा है और स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों अधिकारियों ने अपने जवाब तैयार कर वीरवार को भेज दिए हैं। इसमें लेटलतीफी का कारण पहले ग्रांट मिलने में देरी और बाद में कुछ कामों पर ऑब्जेक्शन लगना बताया गया है। अधिकारियों ने अपने जवाब में पांच करोड़ के विकास कार्यों के 15 जनवरी को टेंडर ओपन की बात भी लिखी है और अलॉटमेंट के बाद काम शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, सीएम घोषणा को पूरी करने में हो रही देरी से कुछेक पार्षदों में भी रोष है। इन पार्षदों ने विकास कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
18 सितंबर 2016 को सीएम मनोहर लाल ने दादरी के विकास के लिए पांच करोड़ की ग्रांट देने की घोषणा की थी। करीब एक माह बाद ही नप अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई शुरू कर पांच करोड़ के इस्टीमेट तैयार किए थे। इन इस्टीमेट को इसके तुरंत बाद हैड ऑफिस प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा गया था। नप सूत्रों के मुताबिक करीब चार-पांच माह तक ये मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा है और इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति तो मिली पर ग्रांट पर पेच फंस गया। नवंबर माह में ही हैड ऑफिस की तरफ से चरखी दादरी नगर परिषद को पांच करोड़ की ग्रांट जारी की गई है। नगर परिषद ने पांच करोड़ के विकास कार्यों के 12 प्रपोजल तैयार किए थे और इनके तहत शहर की करीब आधा दर्जन प्रमुख सड़कों सहित करीब 90 गलियों का निर्माण करवाना शामिल था। नगर परिषद के पास ग्रांट पहुंचने के बाद 12 में से चार प्रपोजल पर हैड ऑफिस से तकनीकी ऑब्जेक्शन लग गए। इन्हें जेई गंगाधर तत्काल रिमूव करवा लाए और इसके बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाए थे। इन व्यवधानों को दुरुस्त करवाकर टेंडर लगाने में नगर परिषद अधिकारियों को करीब तीन माह का समय लग गया। हैड ऑफिस से चीफ इंजीनियर ने इस लेटलतीफी पर सचिव संजय यादव व एमई हरिकिशन शर्मा से लिखित में जवाब मांगा। इसमें ग्रांट आने के तीन माह बाद भी विकास कार्य धरातल पर शुरू न करवा पाने का कारण पूछा गया। इसका जवाब सचिव व एमई हरिकिशन शर्मा ने गत वीरवार को ही पंचकूला भेज दिया।
सीएम के सामने पार्षदों ने की थी ग्रांट जारी करने की मांग
गत अक्तूबर माह में जिला प्रवास कार्यक्रम के तहत आए सीएम मनोहर लाल ने लघु सचिवालय में जनता दरबार भी लगाया था। इसमें शहर के कुछ पार्षद भी पहुंचे थे। इन पार्षदों ने सीएम से उन्हीं की घोषणा की पांच करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करने की मांग की थी। पार्षदों की गुहार सुनकर सीएम ने जल्द से जल्द नगर परिषद को ग्रांट भेजने का आश्वासन दिया था।
परिषद हाउस की बैठक में उठा था मुद्दा, तोड़ी थी प्लेटें
सीएम घोषणा अनुसार धरातल पर काम शुरू नहीं होने का मुद्दा कुछ माह पहले आयोजित परिषद हाउस की बैठक में भी उठा था। इस दौरान पार्षद व चेयरमैन सहित अधिकारियों की तीखी बहस भी हुई थी। इसके बाद पार्षद आपस में उलझ पड़े थे और टेबल पर रखी बिस्कुट व नमकीन की प्लेटें उठाकर तोड़ी गई थी। यह मामला बढ़कर पुलिस तक भी जा पहुंचा था।
वर्जन::
हमने इस संबंध में अपना जवाब तैयार कर वीरवार को ही भेज दिया है। 15 जनवरी को पांच करोड़ के टेंडर ओपन होने हैं और इसके तुरंत बाद धरातल पर सड़कों व गलियों की कायाकल्प का काम शुरू करा दिया जाएगा।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद