तीन करोड़ के आठ प्रोजेक्ट स्वीकृत, चार पर ऑब्जेक्शन
चरखी दादरी।
सीएम घोषणा के अनुसार शहरी विकास के प्रोजेक्ट अभी पूर्णतया सिरे चढ़ते नजर नहीं आ रहे हैं। नगर परिषद के पांच करोड़ के 12 के प्रोजेक्टों में से आठ को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी हैं जबकि चार प्रोजेक्टों पर हेड ऑफिस ने ऑब्जेक्शन लगा दिए हैं। करीब दो करोड़ के विकास कार्यों पर तकनीकी खामियों के चलते ऑब्जेक्शन लगाए गए हैं। इनमें वार्ड दो, 18 व वार्ड 17,18 व 14 का एक संयुक्त प्रोजेक्ट भी शामिल है। हालांकि तीन करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी मिल चुकी हैं और अब धरातल पर काम शुरू कराने के लिए बजट आने का इंतजार है। वहीं, दो करोड़ के चार कामों पर लगाए गए ऑब्जेक्शन को जल्द रिमूव कराने का तर्क नगर परिषद अधिकारी दे रहे हैं। नप सचिव संजय यादव का कहना है कि सोमवार को एमई हरिकिशन शर्मा स्वयं इन ऑब्जेक्शनों को दूर कराने के लिए रिवाइज प्रपोजल लेकर चंडीगढ़ जाएंगे। नप सचिव का कहना है कि इन प्रोजेक्टों पर ऑब्जेक्शन थोड़ी बहुत तकनीकी खामियों के चलते लगाए गए हैं और एमई हेड ऑफिस जाकर अपना तर्क रखकर इन ऑब्जेक्शन को आज ही रिमूव करा देंगे। वहीं, नप अधिकारियों की मानें तो इस सप्ताह नप के खजाने में विकास के 12 प्रोजेक्टों के लिए सीएम की घोषणा अनुसार पांच करोड़ रुपये की राशि आने की संभावना है।
शहरी विकास के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पांच करोड़ रुपये नगर परिषद को देने की घोषणा की थी। गत 18 सितंबर को इस घोषणा को एक साल पूरा हो गया है लेकिन अब तक ग्रांट नगर परिषद के पास नहीं पहुंची है। नगर परिषद अधिकारियों ने शहरी विकास का खाका तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया था। इसमें शहर के अलग-अलग वार्डों से जुड़े 12 प्रोजेक्टों को शामिल किया गया था। इनमें ज्यादातर गलियों व प्रमुख सड़कों का जीर्णोद्घार शामिल था। दिसंबर माह में नगर परिषद ने अपनी तरफ से फाइनल एस्टिमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेजे थे और इसके बाद से ही मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। नप सूत्रों की मानें तो अब हेड ऑफिस ने चार प्रोजेक्टों पर ऑब्जेक्शन लगाकर रिवाइज प्रपोजल नप अधिकारियों से मांगा है। ये ऑब्जेक्शन पिछले सप्ताह ही लगाए गए हैं जबकि 35 फीसदी पार्षद एक साल भी बजट राशि न आने से हताश है। पार्षद इस मामले में लेट लतीफी से इस कद खफा है कि वो धरना शुरू करने तक की चेतावनी नगर परिषद अधिकारियों को दे चुके हैं। हालांकि अधिकारियों ने अपने स्तर पर उन्हें आश्वासन देकर करीब एक माह पहले ही धरने की प्लानिंग को स्थगित करवा दिया था। पार्षद इस मामले को 28 सितंबर को आयोजित होने वाली परिषद हाउस की बैठक में भी उठाएंगे। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि आज ही चंडीगढ़ जाकर पांच करोड़ के प्रोजेक्ट पर ही प्रशासनिक स्वीकृति लेकर तुरंत प्रभाव से बजट राशि जारी भी करने की मांग की जाएगी। नप अधिकारियों का तर्क है कि विकास कार्यों का सारा खाका तैयार है और बस बजट आने का इंतजार है।
किस वार्ड के कितने कामों पर फिलहाल लगे ऑब्जेक्शन
प्रोजेक्ट एक :-वार्ड दो के 39 लाख के प्रोजेक्ट पर रोक
दादरी नगर परिषद ने सीएम की घोषणा में ढाणी फाटक से गांधी नगर फाटक रोड का जीर्णोद्घार कराने की प्लानिंग भी तैयार की थी। इस सड़क के पुन: निर्माण की पिछले कई सालों से लोग मांग उठा रहे हैं लेकिन अब तक यह सिरे नहीं चढ़ पाई है। पार्षद महेश गुपता ने बताया कि नगर परिषद ने सड़क निर्माण के लिए 39 लाख का एस्टीमेट तैयार किया था। हेड ऑफिस ने इस एस्टीमेट पर भी ऑब्जेक्शन लगा दिए हैं। ऐसे में फिलहाल गांधी नगर के लोगों को खस्ताहाल सड़क से निजात दिलाने में थोड़ा समय लग सकता है। प्रोजेक्ट दो:-वार्ड 18 में नौ गलियों के निर्माण पर संकट
वार्ड नंबर 18 के पार्षद कुलदीप गांधी ने बताया कि सीएम घोषणा में उनके वार्ड की नौ गलियों का निर्माण कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। कुलदीप गांधी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 55 लाख रुपये की लागत आने की संभावना नप अधिकारियों ने जताई थी लेकिन अब तक काम तक शुरू नहीं हुआ है। अब अगर नप सूत्रों की मानें तो वार्ड की नौ गलियों के प्रोजेक्ट पर भी हेड ऑफिस ने ऑब्जेक्शन लगा दी है। ऐसे में वार्ड की नौ गलियों के निर्माण पर संकट के बादल छा गए हैं।
प्रोजेक्ट तीन:-सिविल अस्पताल के बैक साइड वाले रोड निर्माण प्रोजेक्ट पर भी ऑब्जेक्शन
नगर परिषद ने सीएम घोषणा में शहीद उधम सिंह अस्पताल के बैक साइड से लककर प्राचीन हनुमान मंदिर तक पिछले कई सालों से कंडम पड़ी सड़क निर्माण की प्लानिंग भी कर रखी है। इसके लिए करीब 97 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। नगर परिषद ने अन्य प्रोजेक्टों के साथ इसे भी हेड ऑफिस भेजा था। इस पर भी उच्चाधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लगा दिए हैं। यह प्रोजेक्ट वार्ड 14, 17 व 18 दिन वार्डों से जुटा है। इस सड़क के पुन: निर्माण की मांग भी स्थानीय लोग पिछले करीब दो साल से उठा रहे हैं। वार्ड 17 महिला पार्षद सुमन देवी ने बताया कि उनके वार्ड में 35 लाख से विकास कार्य होने थे।
वर्जन::
हमने पांच करोड़ के प्रोजेक्ट प्रपोजल भेजे थे। 12 प्रोजेक्टों में से चार कामों पर तकनीकी ऑब्जेक्शन उच्चाधिकारियों ने लगाए हैं, लेकिन हमने रिवाइज प्रपोजल तैयार कर लिए हैं और एमई हरिकिशन शर्मा सोमवार को हेड ऑफिस इन पर स्वीकृति लेने खुद जाएंगे। जल्द से जल्द धरातल पर हम विकास कार्य शुरू करवा देंगे।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद