अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गणपति विसर्जन के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई निर्देश नहीं आए हैं। अभी तक प्रशासन ने विसर्जन के लिए न जगह निर्धारित की और न नहर में विसर्जन की स्थिति स्पष्ट की। ऐसे में सभी भक्त बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा जाकर उनके सरोवर में गणेश प्रतिमा को जलविहार कराने की अनुमति मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें यहां पर भी जवाब मिल रहा है।
शहर में सैकड़ों की संख्या में भक्त गणेश प्रतिमा की स्थापना करते हैं। 25 अगस्त से शुरू होने वाला गणेश महोत्सव 11 दिन तक चलेगा। इसके बाद 12वें दिन 5 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन धूमधाम से गणेश प्रतिमा का विसर्जन होता है। शहर में पहले भक्त भालौठ सब ब्रांच और जवाहर लाल नेहरू नहर में गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते थे। प्रशासन के निर्देश के बाद यहां भी रोक लगा दी गई। इसके बाद प्रशासन ने भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा के सरोवर में विसर्जन की अनुमति दी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए कूपन व्यवस्था शुरू की गई। भक्तों की भीड़ को देखते हुए इसमें आने वाली टोली के लिए समय निर्धारित होता है। इसके लिए प्रशासन सरोवर में जल भरवाने से लेकर उसकी सफाई कराने तक की जिम्मेदारी लेता है। वहीं इस संबंध में डेरा लक्ष्मणपुरी के महामंडलेश्वर कपिलपुरी ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन से उनके पास कोई निर्र्देश नहीं आए हैं। जब तक कोई निर्देश नहीं आते वह किसी को विसर्जन की अनुमति नहीं दे सकते हैं।