रोडवेज बसों ने बहनों को खूब कराया इंतजार
भिवानी।
रक्षाबंधन पर्व पर रविवार दोपहर 12 बजते ही रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा शुरू हो गई। 36 घंटे के लिए (सोमवार मध्यरात्रि तक) आरंभ हुई इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं-बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लगभग सभी बसें सवारियों से फुल चलीं। शाम पांच बजे के बाद बहनों को बसों ने खूब इंतजार कराया।
रविवार को स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसें सवारियों से ठसाठस रहीं। रोहतक, लोहारू, तोशाम, हांसी रूट के लिए जाने वाले बसों में बैठने के लिए कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हुई। व्यवस्था बनाने के लिए यात्रियों की लाइन बनवानी पड़ी।
पांच बजे तक थोड़े-बहुत अंतराल के बाद बसों की आवाजाही चलती रही लेकिन इसके बाद बसों की आवाजाही ठहर गई। कई रूट की सवारियों को तो एक घंटे से ज्यादा तक इंतजार करना पड़ा। ज्यों-ज्यों शाम होती गई, बसों की संख्या घटती गई। कई सवारियों को अपने गंतव्य के लिए जाने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज विभाग का कहना है कि रक्षाबंधन पर महिलाओं व बच्चों को परेशानी न हो इसके लिए अतिरिक्त बसों का भी इंतजाम किया गया है। स्टेशन सुपरवाइजर एसएस सांगवान ने बताया कि रविवार को 104 बसों को चलाया गया।
30 हजार यात्रियों ने की मुफ्त यात्रा
रक्षाबंधन की पूर्व संख्या पर मुफ्त यात्रा का लाभ हजारों महिलाओं व बच्चों ने उठाया। स्टेशन सुपरवाइजर ने बताया कि रविवार को अनुमानित 30 से 40 हजार ने मुफ्त यात्रा की। रोडवेज को औसतन हर रोज आठ लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है।
बाजारों में रही चहल-पहल
बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल रही। संडे के बावजूद रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर बाजार खुले रहे। राखी स्टाल, गिफ्ट शॉप, मिठाइयों की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ रही। महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीददारी की।