अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर की करीब दो लाख की आबादी पिछले दो दिनों से पेयजल संकट से जूझ रही है। सोमवार शाम को खूबडू हैड से नहरी पानी छोड़ा जा चुका है जो साल्हावास स्थित जेसी-2 पर बुधवार सुबह तक पहुंच जाएगा। इसके बाद यहां से लिफ्ट इर्रीगेशन के माध्यम से 27 फीट पानी लिफ्ट कर रेवाड़ी भेजा जाएगा जो बुधवार देर रात तक रेवाड़ी में यह पानी पहुंचेगा। इसके बाद कालका में भंडारण एवं शोधन के बाद शहरवासियों को सप्लाई किया जाएगा। ऐसे मेें शहरवासियों को दो-तीन दिन और पेयजल संकट झेलना पड़ सकता है। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की राशनिंग में कटौती से संकट और बढ़ गया है। हालात यह है कि गांव कालाका स्थित वाटर टैंक में बहुत कम पानी बचा हैं। ऐसे में पब्लिक हेल्थ एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से पेयजल सप्लाई करना मुश्किल हो गया है। उल्लेखनीय है कि शहर की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है। लेकिन समय पर नहरी पानी नहीं आने से स्थिति बिगड़ गई है। रही सही कसर निगम की ओर से लगाए जा रहे बिजली कटों ने बढ़ा दी है। एक दिन छोड़कर एक दिन मिलने वाले कुछ समय के लिए पानी में बिजली का कट नल को बंद कर देता है। इधर गर्मी के समय में पेयजल संकट होने की स्थिति में टैंकर से पेयजल की सप्लाई का दावा भी हवाई होता दिख रहा है। व्यवस्था के अनुसार प्रति व्यक्ति 315 लीटर पानी मिलना जरूरी है।
पांच जलाशयों की क्षमता एक हजार लाख गैलन
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कालका एवं लिसाना में बने जलाशयों में नहरी पानी एकत्रित किया जाता है। क्षमता पंद्रह दिन का पानी स्टोर करने की होती है। यदि नहरी पानी आने में पंद्रह दिन से अधिक की देरी हो जाती है तो शहर में पेयजल संकट बढ़ जाता है। यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी गर्मी के सीजन में लोगों को पानी की किल्लत से दो चार होना पड़ा है। गांव कालका में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक हजार लाख गैलन क्षमता के पांच जलाशयों का निर्माण किया हुआ है। जिनसे शहर के 27 हजार उपभोक्ताओं को 15 दिन तक पानी सप्लाई किया जा सकता है। गर्मी की शुरू होते ही सिंचाई विभाग ने पानी का बंटवारा चार ग्रुप की बजाए पांच में कर दिया गया है। अर्थात अब 28 की बजाय 32 दिन में पंद्रह दिन नहरी पानी रेवाड़ी में पहुंचना था। पहले की अपेक्षा चार दिन देरी से नहरी पानी रेवाड़ी आ रहा है।
भंडारण की कमी के चलते भी बिगड़ती है व्यवस्था
करीब तीन साल पहले पहली बार स्थानीय सांसद ने जिला सचिवालय में अधिकारियों एवं कुछ जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक ली थी। बैठक में लोगों ने शहर में पेयजल की कमी का मुद्दा उठाया था। पब्लिक हेल्थ एवं इंजीनियरिंग विभाग ने कहा था कि यदि एक और वॉटर टैंक का निर्माण हो जाए तो पंप लगाकर शहर के लिए पर्याप्त पानी का भंडारण किया जा सकता है। लेकिन आज तक योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह तक नहरी रेवाड़ी में नहरी पानी पहुंच जाएगा। अब पानी पर्याप्त है। अगले तीन महीने लगातार नहरी पानी चलेगा। इसके बाद इस तरह की परेशानी नहीं आएगी।
-प्रवीण कुमार दहिया, एसई, सिंचाई विभाग, रेवाड़ी।
नहरी पानी नहीं आने आने के चलते राशनिंग कर पानी सप्लाई किया जा रहा है। बिजली कटों से भी परेशानी बढ़ रही है। बुधवार तक पानी आने की बात कही जा रही है। इसके बाद शहर में पेयजल व्यवस्था सुचारु कर दी जाएगी। यदि कहीं पर ज्यादा परेशानी है तो विभाग की ओर से वहां पर टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा।
-डीएस दहिया, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी