जीएसटी : व्यापारियों ने काली पट्टी बांध जताया रोष
भिवानी। जीएसटी की जटिलताओं के विरोध में लगातार तीसरे दिन भी कपड़ा मार्केट बंद रहा। कपड़ा व्यापारियों ने काली पट्टी बांध जीएसटी को काला कानून बताया और नारेबाजी कर रोष जताया। तीन दिन में कपड़ा व्यापारियों को 45 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा। कभी ग्राहकों का इंतजार करने वाले कपड़ा व्यापारियों के सामने ग्राहक कपड़े देने की मांग कर रहे थे और परेशान दुकानदार मना कर रहा था। 51 सौ रुपये जुर्माने पर भी दुकानदारों में बहस हुई। दुकानें बंद कराई लेकिन जुर्माना किसी पर नहीं लगाया गया। तीन दिन के बंद के बाद 30 को मार्केट खुलेगा। कुछ कपड़ा व्यापारियों ने साफ किया कि तीन दिन की हड़ताल थी, वह पूरी हुई और अब राष्ट्रीय स्तर पर आगामी निर्णय का इंतजार किया जाएगा।
जीएसटी के विरोध में तीसरे दिन वीरवार दुकानदार बिचला बाजार में एकत्रित हुए हड़ताल पर मंथन किया। दुकानदारों ने काली पट्टी बांध जीएसटी को काला कानून बताया। दुकानदारों ने शहर में जुलूस निकाला। धरने-प्रदर्शन में भानूप्रकाश, प्रवीण कुमार, संदीप कुमार, किशनलाल जैन, विकास अरोड़ा, शंकर डालमिया, प्रवीण नारंग, सतपाल मखीजा, अनिल सरदाना, सचिन, मनोज, नंदकिशोर, रमेश जैन, चेतराम, बालाराम, भुषण कुमार, नरेश मखीजा, विनोद कुमार गोयल, संजय मगला, सोनू केडीया, अनिल कुमार, हरिश, विनोद कुमार, गीगराज जैन, रितेश मित्तल, किशनलाल, प्रकाश, मोहनलाल भृगु, प्रमोद पूनी वाला, रवि सूट वाला, शिव कुमार साड़ीवाला, रमेश तायल वाला, राकेश कुमार, मा. अजीत, हरिकिशन, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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परेशानी है जीएसटी का नियम
दुकानदारों ने जीएसटी पर रोष जताते हुए कहा कि उन्हें टैक्स भरने में कोई समस्या नहीं है। परेशानी है जीएसटी की नियम। अब एक साल में 37 रिटर्न कौन भरेगा। हम चाहते हैं कि सरकार इसका सरलीकरण करे। व्यापार मंडल के संरक्षण व कपड़ा व्यापारी गिगराज जैन, भग्गनपुरी मार्केट प्रधान किशनलाल जैन ने कहा कि जीएसटी के अनुसार तो दुकानदार सिर्फ हिसाब-किताब लगाने में ही रह जाएंगे। व्यापारी नेताओं ने कहा कि साल में चार या पांच रिटर्न भरी जा सकती है लेकिन 37 नहीं। सारे सामान की डिटेल देना भी संभव नहीं है।
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51 सौ का डर, तीखी नोंक-झोंक और माफी
बाजार में कुछ दुकानदारों ने चोरी-छिपे कपड़े बेचने का प्रयास किया तो अधिकतर 51 सौ रुपये जुर्माने के डर से अपनी दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं दिखा पाए। जिन्होंने चोरी छिपे दुकानें खोली उन्हें बंद करवाने को लेकर नोंक-झोंक भी हुई। जुर्माना लगाने की बात भी आई लेकिन दुकानदार ने माफी मांगी और जुर्माना नहीं लगाने की गुहार लगाई। जिसके बाद जुर्माना नहीं लगाया गया।
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30 के बंद को लेकर संशय
30 जून के भारत बंद को लेकर संशय पैदा हो गया है। अधिकतर कपड़ा व्यापारियों ने इस दिन दुकान खोलने की बात कह रहे हैं। कुछ कपड़ा व्यापारियों ने कहा कि सभी बंद करेंगे तो वे बंद करने को तैयार है। इस कारण 30 के बंद को लेकर संशय बन गया है।
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बहुत जरूरी है, साड़ी लेना, कुछ दिन दो
तीन दिन पहले तक कपड़ा व्यापारी, दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे और रियायती दामों पर देने का प्रलोभन देकर बुला रहे थे। लेकिन वीरवार को ग्राहक ही सामान के लिए गुहार लगा रहे थे। बाजार पहुंची सावित्री व शकुंतला ने कहा कि घर में समारोह है। साड़ियों की बहुत जरूरत है चाहे कुछ ही दिला दो। ढिगावा से पहुंचे बुजुर्ग रामेश्वर, महिला बिमला, बैंक कॉलोनी से राजवंती ने बताया कि शादी समारोह के लिए कपड़े खरीदने आए थे। बाकी सामान तो मिल गया लेकिन कपड़ा नहीं मिला। यहां मार्केट बंद है। टेंशन है कैसे होगी व्यवस्था।
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कपड़ा व्यापारियों की तीन दिन की हड़ताल थी और वह पूरी तरह सफल रही। 45 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ और दुकानदारों के लिए इस नुकसान से उभरना आसान नहीं। दो जुलाई को आखिरी शादी मुहूर्त है और इसके बाद में सीधे नवंबर में ही मुहूर्त है। ऐसे में दुकानदारों को अब मंदी की मार का भी सामना करना पड़ेगा।
प्रवीण गर्ग, कपड़ा व्यापारी
कपड़ा व्यापारियों की तीन दिन की हड़ताल थी, वह पूरी हुई। शुक्रवार को कपड़ा मार्केट खुलेगा। शुक्रवार को कपड़ा व्यापारियों की बैठक भी होगी। जिसमें आगामी फैसला लिया जाएगा।
रितेश मित्तल, कपड़ा व्यापारी
हड़ताल पूरी तरह सफल रहा। दुकानदारों ने एकता दिखाई है। दुकानदारों में जीएसटी के प्रति रोष है। व्यापारियों के हित में जीएसटी का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
गीगराज जैन, प्रधान
भिवानी क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन