रोहतक। शहर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए रोडवेज विभाग ने 80 प्रतिशत प्रक्रिया अपनी पूरी कर ली है। शुक्रवार को बसों को लेकर हुई बैठक में फैसला लिया कि बिजली निगम द्वारा लगाए गए 4900 किलोवाट के कनेक्शन को अब 3000 किलोवाट करवाया जाएगा। क्योंकि बसों को चार्ज करने के लिए 3000 किलोवाट का कनेक्शन पर्याप्त है। शुक्रवार को निजी कंपनियों के साथ जीएम की बैठक हुई।
फिलहाल ट्रायल के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों के रूट तय कर दिए गए हैं। पहली बस का रूट, न्यू बस स्टैंड से शीला बाईपास, जाट भवन, दिल्ली बाईपास, एमडीयू विश्वविद्यालय, नेकीराम कॉलेज, मेडिकल मोड़ होते हुए पीजीआईएमएस रहेगा। इसी तरह दूसरी बस का रूट सुखपुरा चौक से टीबी अस्पताल, गोहाना अड्डा, सिविल अस्पताल, आकाशवाणी, महिला कॉलेज, सोनीपत स्टैंड, अशोका चौक, डी-पार्क, मेडिकल मोड से पीजीआई का होगा। इसके अलावा तीन बसों के रूट ट्रायल के बाद तय किए जाएंगें। रूट पर यात्रियों की संख्या व बसों की मांग के हिसाब से तीन बसों का संचालन निर्भर करेगा।
ग्रामीण रूट पर चल सकती है एक बस
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बस ग्रामीण रूट पर भी चलाई जा सकती है। लेकिन, रूट निर्धारित नहीं किया गया है। चार्जिंग पॉइंट स्टेशन के लिए बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के पास 163 पेड़ों को भी काटा जा चुका है। फिलहाल तकनीकी समस्या के चलते यह प्रक्रिया रुकी है। अन्य प्रक्रिया बस स्टैंड के लिए जारी है।
वर्जन
हमारी तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। जल्द ही कनेक्शन का लोड भी कम कर दिया जाएगा। बसों का इंतजार है, आते ही रूटों पर चला दी जाएगी।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशाप मैनेजर, रोडवेज डिपो