रोहतक। जिला स्वास्थ्य विभाग 24 मार्च को टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित करेगा। विभाग की ओर से टीबी मुक्त पंचायत के लिए 37 ग्राम पंचायतों सूची तैयार की गई थी। इसमें से राज्य स्तरीय टीम ने 27 गांवों का टीबी मुक्त पंचायत के लिए चयन किया है। इस सूची में पांच गांव लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त पाए गए हैं। इन्हें इस उपलब्धि के लिए सिल्वर अवार्ड दिया जाएगा।
सरकार ने इस साल के अंत तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया रहा है। इसके तहत जिले की टीबी मुक्त पंचायतों को विश्व क्षय रोग दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। टीबी मुक्त पंचायत के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ मानक तय किए गए है। इनमें टीबी मुक्त पंचायत बनने के लिए एक या एक से कम टीबी का मरीज होना चाहिए। ग्राम पंचायत में एक हजार लोगों पर कम से कम 30 लोगों की बलगम की जांच अनिवार्य है। इन्हें मानकों पर 27 ग्राम पंचायत खरी उतरी है। इसके बाद इन गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें से 22 गांवों को कांस्य अवार्ड दिया जाएगा। जबकि 5 गांवों को सिल्वर अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।
इन गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंद्रगढ़, बेड़वा, नांदल, सिसरौली, समर गोपालपुर खुर्द, भैणी भैरो, गढ़ी, पटवापुर, जिंदरान, माड़ौदी जाटान ककराना, भैंसरू कलां, अटायल, कसरेंटी, काहनी, कटवाडा, घिलौड कलां, घिलौड खुर्द, भैंसरू खुर्द, समाण, इन 22 गांवों को पहली बार टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इसके लिए इन्हें कांस्य अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा घुसकानी, भैणी महाराजपुर, मोरखेड़ी, मसूदपूर, जेठपुर गांव लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त मिले हैं। इसके लिए इन गांवों को सिल्वर अवाॅर्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।
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सरकार की ओर से इस साल टीबी मुक्त का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार लोगों की जांच की जा रही है। इस साल जिले से 27 टीबी मुक्त पंचायतों का चयन किया गया है। इनको विश्व क्षय रोग दिवस पर सम्मानित किया जाएगा
डॉ. इंदु, जिला क्षय रोग अधिकारी।