फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली के बाद 24 डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिले

विज्ञापन
जिला अस्पताल में दवाई के काउंटर पर लगी मरिजो की भिड़ ।
विज्ञापन
दिवाली के बाद अचानक डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार तक स्वास्थ्य विभाग ने जिले में इस साल डेंगू के 106 मरीजों की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद हर दिन औसतन चार से पांच मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस साल डेंगू नियंत्रण में है, क्योंकि पिछले साल पांच नवंबर तक 181 मरीजों की पुष्टि हो चुकी थी।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कई महीनों से एंटी लारवा एक्टिविटी अभियान चलाया हुआ है। इसके बावजूद हर दिन नये डेंगू के केस सामने आ रहे हैं। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. विवेक मोर ने बताया कि अभी जो केस सामने आ रहे हैं वह पुराने केस हैं। डेंगू के मच्छर के काटने के दस से 15 दिन बाद उसका असर होता है। इस समय घर के बाहर मच्छर नहीं है, जो मच्छर काट रहे हैं वह घर के कोनों में हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग अपने घरों को अच्छे से साफ करें। इस मौसम में डेंगू के मच्छरों का जीवित रह पाना संभव नहीं है। इस मच्छर को पनपने में नमी और साफ पानी चाहिए। फिलहाल मौसम में प्रदूषण और ठंडक है। आने वाले समय में डेंगू का मच्छर का असर कम होगा।
जिला अस्पताल में बनाया है डेंगू वार्ड
डेंगू के मरीजों का उपचार इस साल पीजीआईएमएस आपात विभाग और ओपीडी से कर रहा है। जबकि जिला अस्पताल में इसके लिए स्पेशल वार्ड बनाया गया है। सभी बेडों पर मच्छर दानी की व्यवस्था की गई है। पीजीआईएमएस के डीएमएस डॉ. संदीप ने बताया कि फिलहाल डेंगू के मरीजों की अधिक संख्या नहीं है, इसलिए अलग वार्ड नहीं बनाया गया है। जरूरत के हिसाब से ही मरीजों को दाखिल किया जाता है। वहीं जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेशचंद्र ने बताया कि हमारी तरफ से डेंगू के उपचार की पूरी व्यवस्था है। यदि कोई आता है तो उसकी प्लेटलेट्स जांच से लेकर उपचार की हर सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में मरीजों की स्थिति
अक्तूबर में
तिथि मलेरिया डेंगू
29 00 3
30 00 0
31 00 9
नवंबर में
2 00 3
4 00 9
यह है डेंगू
डेंगू एडिज मच्छर के काटने से होता है। इसके सबसे खतरनाक लक्षणों में हड्डियों का दर्द शामिल है। इसी वजह से डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। यह बारिश के मौसम में होता है, क्योंकि इसके मच्छर को पनपने के लिए भरपूर साफ पानी और अनुकूल वातावरण मिल जाता है।
विज्ञापन

लक्षण
1. त्वचा पर चकत्ते
2. तेज सिर दर्द
3. पीठ दर्द
4. आंखों में दर्द
5. तेज बुखार
6. मसूड़ों से खून बहना
7. नाक से खून बहना
8. जोड़ों में दर्द
9. उल्टी
बचाव के उपाएं
1. एडिज मच्छर दिन के समय काटता है. इसलिए दिन में भी बचाव करें
2. शरीर को ढक कर रखें, पूरी बाजू के कपडे़ पहनें
3. घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें
4. कूलर, गमले और टायर आदि पानी ना भरने दें
5. कूूलर या पानी वाली जगहों पर तेल या मच्छर भगाने का पाउडर छिड़कें
6. पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें
7. खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें