भले ही लॉकडाउन में बाजार बंद रहने से कैश फ्लो (नगद लेनदेन) न के बराबर रहा मगर प्लास्टिक मनी (डेबिट, क्रेडिट कार्ड आदि) से रिकॉर्ड तोड़ लेनदेन हुई। बैंकों के आंकड़ों के अनुसार 91 दिनों के अंदर स्वाइप मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल) से 60.71 लाख बार खरीदारी हुई और 23974 करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। जिले के इतिहास में पहली बार इतना प्लास्टिक मनी का प्रयोग हुआ है।
कोरोना संक्रमण की वजह से 25 मार्च को लॉकडाउन हुआ तो बाजारों को बंद कर दिया गया। बाजारों में नकदी का लेनदेन लगभग बंद हो गया। कुछ लोग नकद होने के बावजूद खरीदारी नहीं कर पा रहे थे। ऐसी स्थिति में प्लास्टिक मनी का उपयोग ही विकल्प रहा। वहीं, बाजारों के बंद होने की वजह से दुकानदारों, मॉल्स आदि ने ऑनलाइन कारोबार शुरू कर दिया। लोगों की डिमांड पर सामान घरों तक पहुंचाया जाने लगा। चूंकि लोगों के पास में नकद नहीं था, इसलिए प्लास्टिक मनी को लोगों ने इस्तेमाल किया। एक अप्रैल से 30 जून तक जिले के लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ प्लास्टिक मनी को इस्तेमाल किया। शहरवासी ही नहीं बल्कि देहात के भी काफी लोगों ने प्लास्टिक मनी इस्तेमाल की। बैंक के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 91 दिन के लेनदेन का आंकड़ा देखने से पता चलता है कि जिन लोगों ने कभी प्लास्टिक मनी इस्तेमाल नहीं की, उन्होंने भी धड़ल्ले से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लीड बैंक के अनुसार एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक जिले में स्वाइप मशीन के माध्यम से लोगों ने 12293472 बार खरीदारी की और 52779 करोड़ रुपये का लेनदेन किया यानी रोजाना 33680 ट्रांजेक्शन किए गए। वहीं, 91 दिन में 6071519 ट्रांजेक्शन हुआ और 23974 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ यानी रोजाना लोगों ने 66720 ट्रांजेक्शन किए, जो दोगुना है।
लॉकडाउन में बनी आदत बरकरार
जिले की बैंकों के आंकड़ों के अनुसार लॉक डाउन में बढ़ा प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। प्लास्टिक मनी के इस्तेमाल का ग्राफ बरकरार है, जो काफी सकारात्मक और सुरक्षित है।
लॉकडाउन में स्वाइप मशीन से जिले में रिकॉर्ड लेनदेन हुआ है। यह डिजिटल लेनदेन का अहम माध्यम है। क्रेडिट व डेबिट कार्ड से लेनदेन होता है। बैंकों को डिजिटल मोड से फायदा होता है। लॉकडाउन में देश का डिजिटल मोड का लक्ष्य काफी हद तक पूरा हुआ है।
प्रताप सिंह, लीड बैंक मैनेजर, रोहतक।