रोहतक। पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने सोमवार रात 10 बजे के बाद दुकान खोलने वाले व्यापारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 172 के तहत पाबंद की कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे ही सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आगे भी इस तरह की कार्रवाई की बात कही है।
थाना पीजीआईएमएस प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि मॉडल टाउन समेत अन्य क्षेत्र में रात में दुकानें खोली जाती हैं। इससे रास्ते में ही लोग कार खड़ी करके शराब पीते हैं और आते-जाते लोगों के साथ अभद्रता करते हैं। दो दिन पहले भी एक युवक-युवती के साथ फिर से अभद्रता हुई तो दुकानदारों को चेतावनी दी गई और नोटिस भी दिए गए। इनके समय से दुकान बंद होने के बाद असामाजिक तत्व भी रुक जाते हैं, लेकिन व्यापारियों ने पुलिस की बात को गंभीरता से नहीं लिया।
सोमवार रात 12 बजे के बाद जो दुकानें खुली मिलीं, उनके 23 संचालकों को हिरासत में लेकर बीएनएस की धारा 172 के तहत पाबंद किया गया। हालांकि, आला अधिकारियों के निर्देश पर दोपहर में ही उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया कि भविष्य में निर्धारित समय के बाद दुकानें खोली गईं तो उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
रात से बजने लगे पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन
रात 12 बजे के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो थाना प्रभारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक के मोबाइल फोन घनघनाने लगे। सिफारिश के लिए लोग थाने पहुंचे और अपने-अपने जान-पहचान वाले लोगों से पुलिस अधिकारियों को फोन कराने शुरू किए। अधिकारियों ने कुछ के फोन उठाकर आश्वासन दिया तो कुछ ने कॉल रिसीव नहीं की।
रात में दुकानें खोलने वाले व्यापारियों को हवालात में बंद करने के विरोध में आए व्यापारी
मॉडल टाउन ट्रेडर्स एसोसिएशन ने की आपातकालीन बैठक
रात 11 बजे के बाद दुकानें खोलने वाले दुकानदारों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को मॉडल टाउन ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें व्यापारियों ने कहा कि केवल पावर हाउस चौक से बजरंग भवन फाटक तक ही ठेली-पटरी वाले दुकानदारों को पुलिस हिरासत में लिया गया है, जबकि शहर के किसी अन्य स्थान पर कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले पुलिस ने कोई नोटिस भी नहीं दिया। व्यापारियों ने इसकी निंदा करते हुए एसपी से मिलकर भविष्य में ऐसा न करने की अपील भी की।
व्यापार संगठन के प्रधान अजय धनखड़ ने बताया कि पीजीआईएमएस पुलिस ने रात 11 बजे के बाद दुकानें खोलने वाले 23 व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया और रातभर हवालात में रखा। इसके विरोध में वह कांग्रेसी विधायक भारत भूषण बतरा से मिले और उन्होंने पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया से व्यापारियों को छोड़ने की मांग रखी। एसपी के निर्देश के बाद ही थाना प्रभारी ने व्यापारियों को छोड़ा।
संगठन के प्रधान ने कहा कि क्या यह कानून केवल मॉडल टाउन क्षेत्र के व्यापारियों के लिए ही है। अगर ऐसा है तो वह इसकी निंदा करते हैं। व्यापारी संतलाल पसरीचा ने कहा कि कई ऐसे काम हैं, जो रात में ही चलते हैं। दिन में कोई नॉनवेज नहीं खाता है, लेकिन रात में ही नॉनवेज की दुकान चलती है। यदि रात 10 बजे ही दुकानें बंद कर दी जाएंगी तो व्यापारी किराया भी नहीं निकाल पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कोई कार्रवाई करनी है तो नोटिस दे और फिर चालान करें। जो इस समय कार्रवाई की है, वह सबसे अंतिम है, लेकिन पुलिस ने इसे सबसे पहले कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर लवलीन टुटेजा, राघव महाराज आदि समेत अन्य काफी लोग एसपी से भी मिले और इस तरह की कार्रवाई न करने की मांग की।