अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। आर्य प्रतिनिधि सभा की चौधर को लेकर विवाद का मामला हल होने की जगह बढ़ता जा रहा है। सभा के प्रधान मास्टर रामपाल का विरोध कर रहे आचार्य योगेंद्र के नेतृत्व में आर्य समाजियों ने सोमवार को मानसरोवर पार्क में पहले हवन किया। इसके बाद धरना शुरू कर दिया। विरोधी पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि मास्टर रामपाल द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं की जांच कराकर सभा में प्रशासक नियुक्त किया जाए।
योगेन्द्र ने कहा कि वे साधु-संत हैं और ऐसे में आर्य समाज के मठ उनके मंदिर हैं। जहां जाने से प्र्रधान पुलिस व प्रशासन के सहयोग से रोक रहे हैं। उन्हाेंने भाजपा सरकार को आगाह किया कि वे किसी को संरक्षण न दें। नहीं तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रशासन व सरकार को ज्ञापन द्वारा पहले ही सारे मामले से सूचित किया जा चुका है, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई न किया जाना दर्शाता है कि सरकार दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। वहीं, आचार्य आजाद ने कहा कि वर्तमान प्रधान मनमानी करके साधु संतों को मठ से बाहर का रास्ता दिखाया रहा है। जबकि उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कु रूक्षेत्र आर्य प्रतिनिधि सभा की संपत्ति है लेकिन फिर भी उसकी आय-व्यय का कोई हिसाब आर्य प्रतिनिधि सभा को नहीं दिया जा रहा है। धरने पर आचार्य राजेन्द्र, पंडित सत्यनारायण, देवराज आर्य पानीपत, जयपाल आर्य, पंडित राममेहर, आनंद मुनि, स्वामी सत्यानंद, राजपाल आर्य, जोगेन्द्र आर्य, सत्यवीर शास्त्री, रामकर्ण कालवा, दीपक आर्य व रामधन भी मौजूद रहे।