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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पीजीआई का गोलमाल

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पीजीआई का गोलमाल
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सोशल मीडिया पर पीजीआई के एक सीनियर डॉक्टर का अपने सीनियर अधिकारी के खिलाफ 2017 में जारी किया गया पत्र अब वायरल हो रहा है। इसमें अधिकारी की ओर से अपनी पावर का गलत प्रयोग करने का जिक्र किया गया है। इसमें आरोप है कि अधिकारी ने सरकारी बजट का अपनी सुख-सुविधाओं में प्रयोग किया।
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इसमें आरोप लगाया गया है कि जहां फैकल्टी कैंपस में आवास के लिए तरसती है, वहीं अधिकारी ने एक अतिरिक्त घर पर कब्जा किया हुआ है। यहां तक कि घर के लिए खरीदा गया सामान भी सरकारी बजट का है। इसकी जांच होनी चाहिए कि घर के नवीनीकरण में कितना बजट लगा और इसका बिल कितना है। इसके लिए टेंडर कब हुए और अनुमति किससे ली गई है। शिकायतकर्ता ने इन सभी मामलों की जांच स्टेट विजिलेंस और फाइनेंस विभाग की ऑडिट टीम से पत्र में कराने की मांग की है। इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने सरकारी वाहनों का भी दुरुपयोग किया है। यदि अधिकारी और सरकारी चालकाें के मोबाइल लोकेशन निकलवाए जाए तो सारा सच सामने आ जाएगा। यही नहीं अधिकारियों ने मिल कर अपने आवास के बाहर गार्ड रूम और बाथरूमों का निर्माण कराया है, जबकि इसके लिए बजट कहां से पास हुआ वह जांच का विषय है। संस्थान में आने वाले मरीजों को कोई सुविधा मिलती नहीं और अधिकारी अपने ऊपर ही सारा बजट खर्च करते हैं। इसकी शिकायत संबंधी कापी शिकायतकर्ता ने राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री, फाइनेंस मंत्री, पीडब्ल्यूडी, पब्लिक हेल्थ विभाग के चीफ इंजीनियर व विजिलेंस को भेजी है। पत्र में शिकायतकर्ता का नाम डॉ. बिजेंद्र ढिल्लो लिखा है, जोकि संस्थान में सीनियर प्रोफेसर अस्पताल प्रबंधन विभाग में तैनात हैं। इस संबंध में जब आरोपी पक्ष से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे कोई बात नहीं हो पाई।
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