अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
दिल्ली से हाल ही में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य चुने गए डॉ. सुशील गुप्ता ने केेंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह डूमरखां के इस आरोप को निराधार बताया है कि गुप्ता आम आदमी पार्टी नेतृत्व को 100 करोड़ रुपये देकर राज्यसभा पहुंचे हैं। बीरेंद्र सिंह के इस बयान के लिए उन्होंने उनकी कुंठा को जिम्मेवार बताया।
गौरतलब है कि इस्पात मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह और डॉ. सुशील गुप्ता दोनों ही जींद जिले के निवासी हैं, दोनों दिल्ली में रहते हैं। बीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नरवाना में बयान दिया था कि लोग 100-100 करोड़ रुपये देकर सांसद बनते हैं। सुशील गुप्ता ने राज्यसभा सदस्य बनने से पहले दिल्ली में मुझसे यह राय ली थी कि ले-देकर सांसदी का जुगाड़ कर लूं क्या।
शनिवार को वैश्य बीएड कॉलेज बहादुरगढ़ में बहादुरगढ़ शिक्षा सभा द्वारा आयोजित किए गए अभिनंदन समारोह में पहुंचे डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिस दिन मैंने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा कराए थे उस दिन चौ. बीरेंद्र सिंह डूमरखां से उनकी मुलाकात जरूर हुई थी। इस मौके पर उन्होंने बीरेंद्र सिंह को बताया था कि वह राज्यसभा जा रहे हैं। लेकिन राज्यसभा सदस्यता के लिए लेन-देन जैसी कोई बात नहीं हुई। गुप्ता ने कहा कि बीरेंद्र सिंह की ये बातें कुंठा का परिणाम होती हैं। इस तरह के एक बयान पर उन्हें राज्यसभा से नोटिस भी मिला था।
नगर के वैश्य समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में सुशील गुप्ता ने बीरेंद्र सिंह के बयान को गलत सोच वाला बताया। उन्होंने कहा कि हम देश के विकास के लिए सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं और सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं, लेकिन जब हम सत्ता में सफल हो जाते हैं तो हमें ही चोर कहा जाता है। कांग्रेस व भाजपा नेताओं को अपनी इस सोच को बदलना चाहिए।
सीएम मनोहर लाल फेल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सुशीला गुप्ता ने सभी मोरचों पर फेल बताया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बहन-बेटी की इज्जत सुरक्षित नहीं है। अनेक बच्चियों से रेप की वारदात के बावजूद मुख्यमंत्री ने इसकी चिंता नहीं की और एक बयान तक नहीं दिया। अगर मनोहर लाल कुशल होते तो बरवाला में रामपाल, पंचकूला में राम रहीम और आरक्षण आंदोलन जैसे बवाल नहीं होते। गुप्ता ने कहा कि हरियाणा की राजनीति में भी आम आदमी पार्टी जमकर लड़ेगी।