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रुपये देने को तैयार, नियमों का पालन नहीं करेंगे

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जान की परवाह नहीं, जुर्माना भरने को तैयार पर नियमों का पालन नहीं करेंगे
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- पिछले चार साल में नियम विरुद्घ रेलवे लाइन क्रॉस करने वाले 2161 लोगों के किये गये चालान
- आरपीएफ के आंकड़े दे रहे गवाही, हर वर्ष बढ़ती ही जा रही नियमों का उल्लंघन करने वालों की संख्या

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चंद मिनटों को बचाने के लिये लोग जान की भी परवाह नहीं करते। शार्टकट के चक्कर में कई बार जुर्माना भी भरना पड़ जाता है लेकिन नियम विरुद्घ रेलवे लाइन को क्रॉस करने से बाज नहीं आ रहे हैं। हर साल नियमों का उल्लंघन करने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पिछले चार साल में 2163 नियमों का पालन नहीं करने वालों के चालान कि ये गये। हर साल उल्लंघन करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यह हम नहीं खुद आरपीएफ के आंकड़े गवाही दे रहे हैं।
रेलवे स्टेशन व उसके आसपास हादसों पर अंकुश लगाने के लिये आरपीएफ यात्रियों से रेलवे लाइन से न होकर जाने की अपील करती रहती है। रेलवे लाइन पार करने के लिए फ्लाई ओवर बनाए गये हैं। मगर कुछ यात्री जल्दबाजी में फ्लाई ओवर के बजाए रेलवे ट्रैक पार कर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाते हैं। लाइन क्रॉस करते समय कई बार यात्री ट्रेन की चपेट में भी आ चुके हैं।
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आरपीएफ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले चार साल में नियम विरुद्घ रेलवे ट्रैक को पार करने वाले 2163 लोगों को मौके से ही पकड़कर उनका चालान किया गया। साथ ही रिपोर्ट कोर्ट में भेजी गई। देखने में आ रहा है कि पिछले चार साल में हर वर्ष नियमों का पालन नहीं करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यानि यात्री जुर्माना देने को तो तैयार है मगर जल्दबाजी के चक्कर में नियमों का पालन करना नहीं चाहते हैं।

पिछले चार साल में नियमों का उल्लंघन करने वाले 2163 के चालान किये गये। यात्रियों को अभियान चलाकर समय समय पर नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाता है।
- एसपी सिंह, एसएचओ आरपीएफ

रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत होता है चालान
आरपीएफ एसएचओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि नियम विरुद्घ रेलवे ट्रैक को पार करते पकड़े जाने पर आरोपी यात्री का रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत चालान किया जाता है। चालान रिपोर्ट दस दिन के अंदर कोर्ट में भेज दी जाती है। यह जमानती अपराध होता है। आरोपी यात्री से पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। साथ ही छह साल की कैद भी हो सकती है। यह न्यायाधीश पर निर्भर करता है।
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चंद मिनट बचाने को करते हैं उल्लंघन
एसएचओ ने बताया कि पकड़े गये आरोपी यात्रियों से पूछताछ के बाद सामने आया है कि अधिकतर यात्री समय बचाने के लिये रेलवे लाइन से होते हुये ही दूसरे प्लेटफार्म पर जाने का प्रयास करते है। क्योंकि रेलवे फ्लाई ओवर से होते हुये जाने पर एक या दो मिनट अधिक का समय व्यतीत होता है।

यात्रियों के चालान का ब्योरा
वर्ष संख्या
2015 600
2016 700
2017 800
2018 63
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