बैठक में प्रस्ताव पास, शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने में नप फेल
चरखी दादरी।
परिषद हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद नप अधिकारी शहर को प्लास्टिक पॉलीथिनमुक्त करने में सफल नहीं हो पाए हैं। प्रस्ताव पास होने के करीब एक माह बाद भी धरातल पर अभियान शुरू नहीं किया गया है। 29 सितंबर को आयोजित बैठक में पार्षद महेश गुप्ता के सुझाव में शहर में अभियान चलाकर पॉलीथिन प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया था। अब तक ठंडे बस्ते में पड़े अभियान को जल्द शुरू कराने का तर्क नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया दे रहे हैं।
29 सितंबर को आयोजित परिषद हाउस की बैठक में पार्षद महेश गुपता ने शहर में धड़ल्ले से चल रहे प्लास्टिक पॉलीथिन प्रयोग को रोकने का सुझाव दिया था। पार्षद महेश गुप्ता का तर्क था कि प्लास्टिक पॉलीथिन सीवरेज व्यवस्था के ठप होने का सबसे प्रमुख कारण है। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था भी इसके चलते प्रभावित हो रही है। उन्होंने पॉलीथिन प्रयोग पर बैन लगाने का सुझाव भी दिया था। पार्षद महेश के इस सुझाव की कुछेक अन्य पार्षदों ने भी सराहना करते हुए शहर में अभियान चलाने पर सहमति जताई थी। बैठक को करीब एक माह बीत चुका है और अब तक यह प्रस्ताव कागजों तक ही सिमटा नजर आ रहा है। वहीं, सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन शहर में 15 से 20 हजार प्लास्टिक पॉलीथिन प्रयोग हो रही हैं। शहर में प्लास्टिक थैली का प्रयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। रेहडीधारक व दुकानदार भी प्लास्टिक थैली का प्रयोग खुले आम कर सब नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, डस्टबिनों में डाले गए कूड़े को आग के हवाले करने से शहर प्लास्टिक पॉलीथिन भी जलाई जा रही हैं जोकि शहर की आबोहवा को प्रदूषित कर रही है। प्लास्टिक थैली को जलाने के बाद सल्फर डाई आक्साइड व कार्बन मोनो आक्साइड गैस निकलती हैजोकि की हवा में मिलने के बाद जहर का रूप ले लेती है। इसके अलावा कूड़ेदान में पड़ी प्लास्टिक थैली पशुओं के लिए भी खतरा बनी हुई है।
नाले भी अटे पड़े है प्लास्टिक थैली से
शहर के नाले भी प्लास्टिक थैली से अटे पड़े है। आमजन प्लास्टिक थैली का प्रयोग करके सड़क व आस-पास में डाल देते है जोकि बाद नालों में चले जाते है। प्लास्टिक थैली का नालों में जमाव होने के कारण ठप हो जाते है। जनस्वास्थ्य विभाग भी समय पर नालों को समय-समय पर साफ नहीं करवा पाता है।
प्लास्टिक थैली रखने व बेचने पर जुर्माना
प्लास्टिक थैली रखने व बेचने वाले पर 2500 रुपये के जुर्माने के आदेश है। शहर में सैकड़ों दुकानें और रेहडीचालक है। ग्रामीण व शहरवासी प्रतिदिन बाजार में खरीदारी कर प्लास्टिक थैली का ही प्रयोग करते है। आदेशों के बाद भी नगर परिषद दुकानदारों व रेहडीचालकों पर कोई जुर्माना नहीं लगा रही है।
वर्सन--
प्लास्टिक थैली बैन के लिए टीम गठित कर दी गई है। सोमवार से प्लास्टिक थैली पर बैन करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शहर में अब लागातार अभियान चलाया जाएगा।
संजय छपारिया, नगर परिषद चेयरमैन