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10 रुपये का सिक्का लेने से किया मना तो जाओगे जेल

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10 रुपये का सिक्का लेने से किया मना तो जाओगे जेल
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अब 10 रुपये का सिक्का लेने से मना किया तो इसका खामियाजा जेल जाकर भुगतना होगा। लोग अब इसे लेने से मना नहीं कर सकते हैं। मना करने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत होने पर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन सहित बैंक अधिकारी ने भी 10 रुपये का सिक्का लेने से मना करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है।
10 रुपये के असली और नकली सिक्कों के भ्रम के चलते लोगों ने इन्हें लेने से ही मना कर दिया है। कई दुकानदार तो रिजर्व बैंक की तरफ से ही इसे अमान्य घोषित किए जाने तक कहते हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। रिजर्व बैंक यह स्पष्ट कर चुका है कि 10 रुपये के सिक्के बाजार में सामान्य रूप से चलन में हैं। कोई भी आम आदमी या व्यापारी इसको लेकर असमंजस में न रहे और इसका प्रयोग करें। केंद्रीय बैंक के नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति को दंडित करने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद भी शहर के व्यापारी और आम आदमी रिजर्व बैंक की नियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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सोशल मीडिया ने किया भ्रमित
कुछ समय पहले देश के कई हिस्सों में दस रुपये के नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्रियां सामने आई। हालांकि इनका नेटवर्क इतना बड़ा नहीं था कि सारे देश में नकली सिक्के फैल जाएं। इसके बाद सोशल मीडिया के जरिये लोगों में अफवाहों का दौर शुरू हुआ। इसके बाद से ही व्यापारी और दुकानदार यह सिक्के लेने से मना करने लगे। जबकि रिजर्व बैंक निर्देश दे चुका है कि 10 के सिक्कों को कोई लेने से मना नहीं कर सकता है।

शहर के बैंकों में लगा दस के सिक्कों का ढेर
शहर के एक बड़े सार्वजनिक बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनके पास 10 रुपये के सिक्कों के भरे 70 से 80 पैकेट धूल फांक रहे हैं। इस एक पैकेट में 20 हजार रुपये के सिक्के हैं। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक की ओर से लोगों को सर्कुलर करने के लिए यह सिक्के मिले थे। मगर कोई भी ग्राहक इन्हें लेने के लिए तैयार नहीं होता है इसलिए यह ऐसे ही रखे हुए हैं।

एक हजार रुपये तक जमा करा सकते हैं
बैंक अधिकारियों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति कानूनन एक बार में कुल एक हजार रुपये तक के सिक्के जमा करा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी या दुकानदार को असमंजस में पड़ने की जरूरत नहीं है। वह इन सिक्कों को बैंक में जमा करा सकते हैं।


10 रुपये के सिक्कों को लेकर लोगों में फैला भ्रम एकदम गलत है। रिजर्व बैंक के साथ ही स्थानीय बैंक भी लोगों को इसकी प्रमाणिकता को लेकर बताते रहे हैं। इन सिक्कों को लेने से मना नहीं किया जाना चाहिए।
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- एनके बंसल, लीड बैंक अधिकारी

जो सिक्के न लें, उसकी करें शिकायत
10 रुपये के सिक्के न लेना अपराध है। अगर कोई ऐसा करता है कि उसकी लिखित शिकायत करें। वे सख्ती से मुद्रा अधिनियम के तहत कार्रवाई करवाएंगे। साथ ही लीड बैंक मैनेजर को सभी बैंकों को पत्र जारी करके सिक्के जारी करने का आदेश दिया जाएगा।
अतुल कुमार, डीसी
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