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बजट नहीं मिला तो कंपनी ने खींचे हाथ, 20 जगह और सीसीटीवी कैमरे लगाने से इन्कार

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बजट नहीं मिला तो कंपनी ने खींचे हाथ, 20 जगह और सीसीटीवी कैमरे लगाने से इनकार
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर के बाहर हत्या के बावजूद 20 चौक-चौराहों पर अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। बजट नहीं मिलने के कारण दिल्ली की कंपनी ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। केवल चार जगह लगे सीसीटीवी कैमरे चालू हो सके हैं। एक जगह लगा कैमरा शोपीस बनकर लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दे रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन कितना गंभीर है।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछले साल भड़के दंगों में रोहतक शहर बुरी तरह झुलस गया था। सरेआम दुकानों से लेकर माल और स्कूलों में आग लगा दी गई, जमकर लूटपाट हुई। प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु तक की कोठी फूंक दी गई। उसके बाद शहर में हर चौक और चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठी थी। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक ने जल्द कैमरे लगाने की बात कही थी। हालांकि निगम प्रशासन एक साल बाद 2017 में योजना को धरातल पर उतार सका। स्थानीय मंत्री मनीष ग्रोवर की अगुवाई में शहर के अंदर महत्वपूर्ण चौक और चौराहों को चिह्नित किया था। यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर लाइन एसपी आफिस में बने कंट्रोल रूम से जोड़ी जानी है। कुछ जगह कैमरे तो लग गए, लेकिन काम अधूरा पड़ा है।
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यहां नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे

अंबेडकर चौक, सुखपुरा चौक, न्यू बस स्टैंड टी प्वाइंट, गोहाना अड्डा, शीला बाईपास, कोर्ट कांप्लेक्स, डी पार्क मेन चौक, माता दरवाजा, भिवानी स्टैंड और ओल्ड बस स्टैंड पर अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। किला रोड इंट्री प्वाइंट, दुर्गा भवन चौक, अग्रसेन चौक, नियम बस स्टैंड, अशोका चौक टी प्वाइंट, झज्जर चुंगी और कच्चा बेरी मोड़ पर भी काम नहीं हो सका है। इसके साथ ही शौरी क्लाथ मार्केट, वैश्य कॉलेज का मेन गेट, पावर हाउस चौक, मेडिकल मोड़ और सुनारों वाली गली में अभी तक कैमरे ही नहीं लगे हैं।

केवल यहां लगे कैमरे चालू

शीला बाईपास, सोनीपत स्टैंड, अंबेडकर चौक और दिल्ली बाईपास पर लगे कैमरे ही चालू हो सके हैं।

कोर्ट परिसर के बाहर लगा कैमरा बना शोपीस

29 मार्च को दिनदहाड़े रंजिश के चलते कोर्ट में पेशी पर आए रमेश लुहार के एक साथी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात ठीक उस जगह हुई थी, जहां सीसीटीवी कैमरा लगा था। कैमरा चालू नहीं होने से वारदात की फुटेज कैद नहीं हो सकी। उस समय डीसी ने आश्वासन दिया था कि जल्द बजट मिलते ही कैमरे चालू करवा दिए जाएंगे, लेकिन आज तक न बजट आया और न कैमरा चालू हो सका।

निगम पैसा दे तभी चालू करेेंगे 20 चौकों पर कैमरे

ढाई करोड़ में शहर के अंदर 25 प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। निगम के साथ हुई डील के तहत निगम को काम पूरा होने तक 40 प्रतिशत राशि का भुगतान करना था, लेकिन अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला। कंपनी अधिकारियों के आश्वासन पर पांच जगह कैमरे लगा चुका है, जिनमें से चार जगह कैमरे चालू हो सके हैं। जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक बचे 20 चौक और चौराहों पर कैमरे नहीं लगाए जा सकते।
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- अरुण कुमार, प्रोजेक्ट प्रभारी प्राइवेट सीसीटीवी कैमरा एजेंसी, दिल्ली।

आज निगम अधिकारियों से बात करूंगा

जब निगम में संयुक्त आयुक्त का कार्यभार था, उस समय दिल्ली की कंपनी से शहर के प्रमुख चौक और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब तक सभी चौक और चौराहों पर कैमरे लग जाने चाहिए थे। कैमरे अब तक क्यों नहीं लगे, इस संबंध में निगम के अधिकारियों से मंगलवार को बात करेंगे।
- अरविंद मल्हान, एसडीएम रोहतक और तत्कालीन निगम आयुक्त।


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