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आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स चैलेंज में देश का प्रतिनिधित्व करेगी रोहतक की बेटी सुहाना सैनी
-29 जुलाई से 6 अगस्त तक स्पेन में होगी चैंपियनशिप
-दुनिया के बेस्ट 16 खिलाड़ियों के बीच होगा श्रेष्ठता का मुकाबला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। लिंगानुपात के मामले में दूसरे राज्यों से पिछड़े हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं। बेटों को पछाड़ रही बेटियां खेल क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। मेरी कॉम, पीवी सिंधू, साक्षी मलिक व दीप कर्माकार की उपलब्धियां कुछ यही कह रही हैं। इसी राह पर बढ़ रही है रोहतक की बेटी सुहाना सैनी। टेबल टेनिस में उम्दा प्रदर्शन के बूते 13 साल की उम्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 65 मेडल जीत चुकी सुहाना अब स्पेन में अपना हुनर और दमखम दिखाएगी। यहां 29 जुलाई से छह अगस्त तक होने वाली आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स चैलेंज में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। चैंपियनशिप में दुनिया के टॉप 16 खिलाड़ियों के बीच श्रेष्ठता का मुकाबला होगा।
चार खिलाड़ी प्रत्येक महाद्वीप से आएंगे
कोच भावना सैनी ने बताया कि उनकी बेटी सुहाना का वर्ल्ड होप्स चैलेंज में चयन हुआ है। यहां प्रत्येक महाद्वीप से टॉप चार खिलाड़ी पहुंचेंगे। अंडर-13 की इस प्रतियोगिता में एशिया महाद्वीप से सुहाना का चयन गर्व की बात है। हरियाणा टेबल टेनिस एसोसिएशन व टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने चैंपियनशिप में भारतीय टीम का हिस्सा बनने पर उसे प्रोत्साहित किया है। हरियाणा टेबल टेनिस एसोसिएशन व टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव एमपी सिंह ने भी इस खिलाड़ी की सराहना की है।
सुहाना एशिया चैंपियनशिप में जीत चुकी है गोल्ड
सुहाना मालदीव में दो से 7 दिसंबर तक हुई साउथ एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। थाइलैंड के बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। यह चैंपियनशिप पांच से बारह मार्च तक हुई। यही नहीं गोल्डन गर्ल सुहाना 2016 व 2017 में जूनियर नेशनल चैंपियन रही। इन उपलब्धियों को देखते हुए स्कूल ने उसे प्रोत्साहन के रूप में एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। स्कालर रोजरी स्कूल की प्राचार्य प्रीति गुगनानी ने कहा कि छात्रा ने भारतीय टीम का हिस्सा बनकर स्कूल व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सुहाना को विरासत में मिला है खेल
खेलों में अपना परचम लहरा रही 13 वर्षीय गोल्डन गर्ल सुहाना को खेल विरासत में मिला है। परिवार में यह अकेली चैंपियन नहीं है, बल्कि, मम्मी-पापा, दादा-दादी, चाचा व नाना भी अपने जमाने के नामी व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। मां भावना सैनी, पिता विकास सैनी, चाचा विक्रम व नाना राधेकृष्ण शर्मा टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। दादा सतबीर सिंह सैनी हॉकी खिलाड़ी और दादी कमला सैनी खोखो की नेशनल खिलाड़ी रही हैं। खेलों में सुहाना के सुहाने सफर की शुुरुआत तीन वर्ष की उम्र से हुई। मां भावना सैनी को टेबल टेनिस खेलते देख इस नन्हीं खिलाड़ी ने भी रैकेट हाथ में थामा। इसके बाद से उसका इस खेल का सफर जारी है। इस बीच उसने कई कीर्तिमान स्थापित किए।