पीजीआईएमएस कैंपस में आवास खाली कराना नहीं आसान
निदेशक के बाद संयुक्त निदेशक के आवास पर विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कैंपस में इन दिनों निदेशक व संयुक्त निदेशक का आवास चर्चाओं में है। निदेशक पद मुक्त होने के बाद और संयुक्त निदेशक ने स्थानांतरण होने के बाद भी कैंपस में सरकारी आवास खाली नहीं किया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या संस्थान नियमानुसार दोनों से किराये की 300 गुना अधिक राशि वसूल करेगा।
सूत्रों की मानें तो निदेशक डॉ. आरके गुप्ता अपना पद लंबे समय से छोड़ चुके हैं। इसके बाद भी उन्होंने निदेशक के आवास को खाली नहीं किया है। यहां प्रशासन यह कह कर पल्ला झाड़ता है कि सीनियर प्रोफेसर के स्तर का जब तक आवास खाली नहीं हो जाता, वह पूर्व निदेशक को कहां भेजें। यहां सहूलियत यह है कि पूर्व निदेशक के पद मुक्त होने के बाद कोई नियमित निदेशक संस्थान में आया ही नहीं है। जबकि संयुक्त निदेशक के आवास को लेकर असमंजस की स्थिति है। क्योंकि नई आईएएस अधिकारी ने संस्थान में जॉइनिंग कर ली है और उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। वह फैकल्टी हाउस में रह रही हैं। बात यदि नियमों की करें तो संस्थान में जॉब के बाद चार माह ही रहने की अनुमति है, इसके बाद संबंधित व्यक्ति को तय किराये का 300 गुना अधिक राशि वसूलनी होती है। सूत्र दावा करते हैं कि प्रशासन ने दोनों अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर रखा है। अब देखना यह होगा कि क्या नियम छोटे कर्मचारियों पर ही लागू होते हैं या शीर्ष अधिकारियों पर संस्थान नियम लागू कर पाता है।