फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुग्राम में निजी कंपनी कराएगी बीबीए, होटल मैनेजमेंट व ट्रैवलिंग एंड टूरिज्म कोर्स

Thu, 12 Jul 2018 01:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
Admission
विज्ञापन
पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में निजी कंपनी मैदान में उतर आई है। गुरुग्राम की एक निजी कंपनी विद्यार्थियों को बीबीए, होटल मैनेजमेंट व ट्रैवलिंग एंड टूरिज्म कोर्स कराएगी। फिलहाल एमडीयू ने इन तीन कोर्सों के साथ कॉलेज शुरू करने की अनुमति दी है। भविष्य में यहां और कोर्स भी शुरू किए जाने की संभावना है। अब तक शिक्षा समिति या सोसायटी को ही कॉलेज शुरू करने की अनुमति दी गई है। कंपनी को कॉलेज देने के लिए विवि प्रशासन ने राज्य सरकार की गाइडलाइन का हवाला दिया है।
विज्ञापन


एमडीयू कैंपस में पिछले कुछ दिनों से एक निजी कॉलेज की अनुमति का माला चर्चा का विषय बना हुआ है। गुरुग्राम में शुरू हो रहे इस कॉलेज के लिए संबंधित ब्रांच में तीन बार फाइल चली। फाइल पर तीनों बार कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज करते हुए नियमों से बाहर जाकर कॉलेज की अनुमति नहीं देने की बात कही है। इसके बावजूद अधिकारियों ने अपनी कलम से गुरुग्राम में कॉलेज शुरू करने की अनुमति दे दी है। यहां तीन कोर्सों के लिए 180 सीटें दी गई हैं। प्रत्येक कोर्स में 60 सीटें हैं। यहां इन तीन कोर्सों के अलावा भी कोर्स शुरू किए जाने की संभावना है।

स्टाफ ने इनकार किया तो हुआ तबादला
एमडीयू की कॉलेज ब्रांच में निजी कंपनी के नाम से कॉलेज शुरू करने की अनुमति की फाइल तीन बार लौट चुकी है। इस पर यहां के कर्मचारियों ने नियमानुसार मंजूरी नहीं देने की टिप्पणी भी लिखी। इससे नाराज अधिकारियों ने इन कर्मचारियों का तबादला रजिस्ट्रेशन ब्रांच में कर दिया। इसमें एआर व सुपरिंटेंडेंट शामिल हैं। अधिकारियों के इस फैसले को लेकर कर्मचारियों में रोष है। एमडीयू नॉन टीचिंग एंप्लाइज एसोसिएशन भी इस मामले को लेकर गेट मीटिंग की तैयारी कर रही है। यहां सहमति बनी तो संघर्ष की मुहिम भी छिड़ सकती है।
विज्ञापन


शिक्षा के निजीकरण की ओर उठा बड़ा कदम
निजी कंपनी को कॉलेज देना विवि प्रशासन का शिक्षा के निजीकरण की ओर उठाया गया बड़ा कदम है। यह गलत है। इसका आने वाले समय में शिक्षा ही नहीं विद्यार्थियों पर भी असर पड़ेगा। संगठन इस फैसले का विरोध करता है।
- अर्जुन, अध्यक्ष एमडीयू इकाई, एसएफआई।

कंपनियों का मकसद केवल लाभ कमाना
निजी कंपनियों का मकसद केवल लाभ कमाना होता है। निजी कंपनी कॉलेज चलाएगी तो शिक्षा की गुणवत्ता के बजाय अपने लाभ पर ध्यान देगी। विवि प्रशासन का निजी कंपनी को कॉलेज देना गलत है। इसका विरोध किया जाएगा।
- प्रदीप देशवाल, प्रांतीय अध्यक्ष, इनसो।

विवि ने सरकार की गाइडलाइन के तहत दिया कॉलेज
राज्य सरकार की गाइडलाइन के तहत निजी कंपनी को कॉलेज दिया गया है। कंपनी पूरी तरह नॉन प्रॉफिट रहेगी। शिक्षा सोसायटी से भी सख्त नियम कंपनी पर लागू रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य सुविधाएं विवि के विभागों की मौजूदा स्थिति से भी बेहतर हैं। यहां फीस, सुविधा, दाखिला प्रक्रिया सभी विवि के नियमानुसार ही होंगी। विद्यार्थियों पर किसी तरह का अतिरिक्त भार नहीं डाला जाएगा। विवि कर्मचारियों के तबादले सामान्य प्रक्रिया है। इसमें 41 कर्मचारी हैं।
विज्ञापन

- डॉ. युद्धवीर सिंह, डीन कॉलेजेस, एमडीयू।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें