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स्वर्ण न जीतने का मलाल, दूसरी बेटी विनेश फौगाट करेगी उम्मीद पूरी

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स्वर्ण न जीतने का मलाल, दूसरी बेटी विनेश फौगाट करेगी उम्मीद पूरी
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चरखी दादरी।
आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में वीरवार को दंगल गर्ल बबीता फौगाट गोल्ड जीतने से चूक गई। उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वीरवार को पहली तीन बाउट में से दो एक तरफा जीतकर बबीता ने दमदार शुरुआत की लेकिन फाइनल मुकाबले में कनाडा की पहलवान पर अटैक करने के प्रयास में बबीता अपने ही दांव में उलझ गई। पहलवान बबीता फौगाट के साथ पिता द्रोणाचार्य महावीर फौगाट को भी स्वर्ण पदक न जीतने का मलाल है लेकिन रजत जीतने पर भी संतोष जताया है। महावीर फौगाट का कहना है कि कॉमनवेल्थ में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की उनकी तमन्ना दूसरी बेटी विनेश फौगाट पूरा करेगी।
भारतीय समयानुसार वीरवार सुबह छह बजे बबीता फौगाट की बाउट शुरू हुई। बबीता का मुकाबला नाइजीरियन पहलवान बॉस सेम्यूअल के साथ हुआ। शुरुआत में एक अंक से पिछड़ने के बाद बबीता ने 1.06 मिनट में 2-1 की बढ़त पाई और यह बढ़त अंत तक बरकरार रही। बबीता ने दूसरे मुकाबले में श्रीलंकाई पहलवान को मैच के 48वें सेकेंड में चित कर मुकाबला एकतरफा अपने नाम किया। तीसरा मुकाबले में बबीता फौगाट ने मेजबान आस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ी को महज 36 सेकेंड के अंदर धूल चटाकर फाइनल की टिकट कटाई। फाइनल मुकाबले में कनाडा की महिला पहलवान पर अटैक करते समय बबीता का दांव ठीक नहीं बैठा और कनाडा मूल की पहलवान ने काउंटर अटैक कर बबीता के खिलाफ प्वाइंट बटोर लिए। पहले हॉफ तक स्कोर 1-0 था जो कि अंतिम समय में 5-2 हो गया और बबीता फौगाट को हार के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
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अमर उजाला से बातचीत में द्रोणाचार्य अवार्डी व दंगल गर्ल गीता व बबीता फौगाट के पिता महावीर फौगाट ने बताया कि बबीता सभी मुकाबले अच्छे लड़ी लेकिन फाइनल मुकाबले में अटैक के प्रयास में काउंटर अटैक का शिकार हो गई। उन्होंने कि बेटी के गोल्ड मेडल न जीतने का उन्हें मलाल जरूर है लेकिन उन्हें खुशी भी है कि उनकी बेटी ने देश की झोली में सिल्वर पदक डाला। उन्होंने कहा कि उनकी गोल्ड मेडल की इच्छा को उनकी दूसरी बेटी विनेश फौगाट जरूर पूरा करेगी।
वर्जन::
देश के लिए स्वर्ण जीतने के इरादे से मेट पर उतरी थी। फाइनल मुकाबले में थोड़ी सी चूक हो गई और सिल्वर मेडल मुझे मिला। मैं ये मेडल देशवासियों को समर्पित करूंगी और आगे देश के लिए ज्यादा गोल्ड जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरूंगी।
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बबीता फागाट, सिल्वर मेडलिस्ट, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018
वर्जन::
बबीता पहली तीन बाउट बेहतरीन खेली लेकिन फाइनल मुकाबले में अटैक उल्टा पड़ गया। कनाडा की पहलवान ने काउंटर अटैक कर प्वाइंट बटोरे। बबीता का सिल्वर मेडल भी देश को समर्पित है और गोल्ड मेडल की चाह उनकी दूसरी बेटी विनेश फौगाट पूरी करेगी।
महाबीर फौगाट, द्रोणाचार्य अवार्डी
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