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निगम बोला, ग्रीन बेल्ट से हटाए अवैध कब्जे

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निगम बोला, ग्रीन बेल्ट से हटाएं अवैध कब्जे
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लोग बोले, नगर निगम ने की महज खानापूर्ति
- नगर निगम ने ओमैक्स सिटी से लगी नहर के साथ ग्रीन बेल्ट पर बने अनधिकृत निर्माणों पर की कार्रवाई
- 34 प्लॉटों पर बनाई गई नींव और चहारदीवारी को हटाया, दुकानों का अवैध निर्माण भी गिराया

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम ने बुधवार को ओमैक्स सिटी से लगती ग्रीन बेल्ट पर बने 34 अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की, लेकिन ग्रीन बेल्ट को मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे लोगों ने इस कार्रवाई को महज खानापूर्ति करार दिया। लोगों का आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से कुछ लोगों ने ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर लिया। ओमैक्स सिटी के आसपास अवैध कब्जों से अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। सीएम विंडो पर शिकायत की गई, कोर्ट तक मामला लेकर गए, जिसके बाद कार्रवाई हुई, लेकिन यह कार्रवाई महज खानापूर्ति ही रहीं।
आयुक्त नगर निगम के आदेश पर नगर निगम रोहतक और जिला नगर योजनाकार रोहतक की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार रोहतक गुलाब सिंह के नेतृत्व में टीम बुलडोजर लेकर ओमैक्स सिटी के साथ नहर से लगी ग्रीन बेल्ट पर बनाई जा रही अनधिकृत कॉलोनी में पहुंची। यहां पर 12 जगह प्लॉट काटकर नींव बना दी गई थीं और चारदीवारी भी बना ली गई। टीम ने इस तोड़ा, जिसके बाद बरसी नगर सुंदरपुर रोड पर टीम पहुंची। यहां पर 20 जगह पर प्लॉट काटकर नींव बनाने के साथ ही चहारदीवारी बना ली गई थी। इसे भी नगर निगम की टीम ने गिराया। गोहाना रोड पर दो प्लॉट काटकर नींव और चहारदीवारी बना ली गई थी, इसकी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही सनसिटी रोड पर ग्रीन बेल्ट पर किए कब्जे को हटाया गया। लाढोत रोड पर बनाई गई अवैध दुकान गिराई के साथ ही मॉडल टाउन में अस्थायी छप्पर को गिराया गया। इस मौके पर सहायक नगर योजनाकार तिलकराज, मनीष कुमार, भवन निरीक्षक जितेंद्र, शशि कांत, राजीव विज, सनी देव कुमार आदि मौजूद रहे।
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उधर, ओमैक्स सिटी निवासी प्रमिला आर्या ने बताया कि नगर निगम ने तोड़फोड़ कार्रवाई ठीक से नहीं की है। अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ढहाया नहीं गया, बल्कि महज खानापूर्ति कर छोड़ दिया गया। नगर निगम की टीम के जाने के बाद लोग निर्माणों की मरम्मत में जुट गए। कार्रवाई में मरम्मत किए जाने की गुंजाइश ही नहीं होनी चाहिए थी। इस मामले में सीएम विंडो में शिकायत की गई और कोर्ट में केस भी चल रहा है। नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से जब ग्रीन बेल्ट पर कब्जा किया जा रहा था, तभी इसे नहीं रोका गया। हालांकि नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि निर्देशानुसार कार्रवाई की गई और भविष्य में ग्रीन बेल्ट पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
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