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एमडीयू के छात्रों को राहत, 50 फीसदी पेपर पास की शर्त हटाई

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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अगले सेमेस्टर में दाखिले के लिए लगाई गई शर्त पर एक बार फिर से एमडीयू को बैकफुट पर आना पड़ा। छात्रों के विरोध के चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रवेश के लिए लगाई शर्त को हटा दिया है। अब अगले सेमेस्टर के लिए पिछले में 50 फीसदी पेपरों में पास होने की शर्त नहीं रहेगी। इससे छात्रों को काफी राहत मिली है।

दरअसल, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ दिन पहले शर्त लगा दी थी कि तीसरे सेमेस्टर में एडमिशन लेने के लिए छात्र को पहले सेमेस्टर के 50 फीसदी पेपर पास करने होंगे। इससे काफी संख्या में छात्र प्रवेश से वंचित रह गए।
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अमर उजाला ने 24 जून के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद छात्र संगठन इसके विरोध में आ खड़े हुए। कई दिन पहले इनसो ने इस मुद्दे को लेकर यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक पर तालाबंदी भी की थी। इस पर वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया को खुद मनाने के लिए आना पड़ा था। एसएफआई, डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन आदि संगठनों ने भी प्रदर्शन किया था। विरोध के चलते अब यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर आ गया और यह आदेश वापस ले लिया।

नए आदेशों के अनुसार, अब दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम में क्लास प्रोमोशन तीसरे सेमेस्टर तक खुद हो जाएगा। इसी प्रकार यूजी पाठ्यक्रम में अगले सेमेस्टर या क्लास में भी प्रोमोशन खुद हो जाएगा। यानी कि इसमें प्रथम सेमेस्टर में 50 प्रतिशत पेपर पास होने पर तीसरे सेमेस्टर में दाखिले की शर्त तथा पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश के लिए पहले सेमेस्टर के सभी पेपर पास होने की शर्त में हटा दी गई है। इसी तरह पांच वर्षीय समेकित पाठ्यक्रम में भी सेमेस्टर या क्लास में प्रोमोशन खुद होगा, लेकिन सातवें सेमेस्टर में प्रोमोशन पहला मोड्यूल (पहले से छठा सेमेस्टर) उत्तीर्ण होने पर ही दिया जाएगा। इस आदेश के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है।
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पहले भी लेना पड़ा था आदेश वापस
इस आदेश को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को पहले भी बैकफुट पर आना पड़ा है। पिछले वर्षों में यूनिवर्सिटी ने कई बार यह आदेश लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन छात्र संगठनों के विरोध के चलते यह सिरे नहीं चढ़ पा रहा। इस बार भी अमर उजाला ने पहले ही संभावना जता दी थी कि यूनिवर्सिटी को बैकफुट पर आना पड़ सकता है।
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