राेहतक। दिवाली पर आतिशबाजी मनोरंजन के साथ दर्द देने वाली भी रही। दिवाली की रात पीजीआईएमएस के ट्रामा सेंटर में 20 लोग झुलसे हुए पहुंचे। इनमें से ज्यादातर को रात को ही इलाज के बाद घर भेज दिया गया। शेष चार मरीजों को गंभीर हालत के चले भर्ती किया गया है। इनकी आंखों का ऑपरेशन हाेना है।
दीपों के पर्व दिवाली पर विभिन्न हादसों में 20 लोग झुलस गए। इनमें से ज्यादा बच्चे थे। पीजीआई पहुंचे इन घायलों में 16 को रात को ही इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार घायलों को नेत्र रोग व सर्जरी विभाग में भर्ती करना पड़ा है। इनकी आंखों में पटाखे का बारूद लगने से पुतली क्षतिग्रस्त हुई है, इसलिए ऑपरेशन करना होगा। ऑपरेशन के बाद इन लोगों की आंखों की रोशनी कम होने का खतरा बना हुआ है। पीजीआई रात एक के बाद एक केस आने लगे। इसके चलते पीजीआई में काफी भीड़ बनी रही।
वर्जन
दिवाली की रात करीब 9 बजे तक ट्रामा सेंटर में पटाखों से झुलसे 12 केस पहुंचे। इनमें से एक को ऑपरेशन के लिए रख गया है, जबकि देर रात छह मामले और पहुंचे। इनमें से एक केस गंभीर हालत में मिला, शेष दो मरीज सर्जरी विभाग में भर्ती हुए हैं। इनका ऑपरेशन कर आंखों की रोशनी बचाने का प्रयास किया जाएगा।
- आरएस चौहान, अध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग, पीजीआईएमएस।