रोहतक। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एनएचएम कर्मचारी संघ का धरना शनिवार को 19वें दिन भी जारी रहा। हड़ताली कर्मचारी परिवार सहित सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते रहे। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों और सरकार पर आरोप जड़ते हुए कहा कि उनका शोषण हो रहा है और कोई उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है।
जिला प्रधान दिनेश सैनी ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी किसी से डरने वाले नहीं हैं। जब तक सेवा नियम, सेवा नियम में संशोधन और सातवें वेतन आयोग के लाभ की मांग उनकी पूरी नहीं हो जाती वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने हड़ताल पर कहा है कि उनकी मांग नाजायज है, नौकरी के लिए कई युवा कतार में खडे़ हैं। वह सवाल पूछते हैं कि क्या नई भर्ती होने वाले कर्मचारियों का सरकार शोषण नहीं करेगी। नये कर्मचारियों को जायज वेतन हर माह समय पर मिलेगा और इनकी सेवा सुरक्षित होगी। यदि सरकार यह नये कर्मचारियों को देने को तैयार है तो उन्हें क्यों नहीं। वहीं एएनएम राजेश ने कहा कि वह 20 साल से नौकरी कर रही है और परिवार की सारी जिम्मेदारी उठा रही हैं। छह वर्ष पूर्व वह अपने पति को खो चुकी हैं, लेकिन अधिकारी टारगेट पूरा न होने पर टर्मिनेशन का पत्र जारी कर देते हैं। इससे मानसिक परेशानी होती है और भय बना रहता है कि कल नौकरी करने को मिलेगी या नहीं। इसी तनाव में उन्हें अपना उपचार तक कराना पड़ा है। वहीं जिला महासचिव डॉ. नवीन ने कहा कि 2015 में बजट की कमी बताते हुए 1200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया और 2016 में 2500 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी उच्च अधिकारियों की ओर से कर ली गई थी। इसका कर्मचारियों ने विरोध किया और सरकार के इरादे को नाकाम कर दिया। वहीं धरना स्थल पर बसपा जिलाध्यक्ष अड़ीचंद निम्बडिया ने टीम के साथ पहुंचकर समर्थन दिया। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग आदि में कर्मचारी 20-20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन उनके पास सेवा सुरक्षा नहीं है। वहीं पानीपत में बसपा नेता सुखदेव की हत्या पर रोष जताते हुए बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर हत्यारों को जल्द सजा नहीं दी गई तो बसपा प्रदेश में सरकार के खिलाफ खड़ी होगी। इस अवसर पर जिला प्रभारी कैप्टन राममेहर सिंह, वजीर सिंह, राजपाल, हलकाध्यक्ष प्रवीण मोखरा आदि नेताओं ने भी अपने वक्तव्य रखे।