अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जिले के डेढ़ लाख के करीब भारत गैस उपभोक्ताओं की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि एजेंसी संचालकों ने अपने नोटिस बोर्ड पर ‘गैस नहीं है’ लिख कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है। एजेंसी संचालकों से जब पूछा जाता है तो वह भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि आखिर उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस कब तक मिलेगी। एजेंसी संचालक दिन में अधिकांश समय एजेंसी को बंद रखकर उपभोक्ताओं से होने वाले विवादों से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
बता दें कि पांच फरवरी से भारत गैस की मुख्य रिफाइनरी में सफाई चल रही है। इस कारण पिछले 15 दिनों से देश भर में भारत गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है। माना जा रहा है यह समस्या अभी तकरीबन तीन सप्ताह और चलेगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस नहीं मिलने से उनके घर खाना तक नहीं बन पा रहा है। एजेंसी संचालकों ने अपने नोटिस बोर्ड पर गैस नहीं है का नोटिस लगा कर जिम्मेदारी पूरी कर ली है। कोई गैस एजेंसी संचालक यह नहीं बता पा रहा कि उन्हें एलपीजी गैस कब मिलेगी। फिलहाल बगैर जानकारी के रिफाइनरी में चल रही सफाई का असर घरेलू व व्यवसायिक भारत गैस के उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि उपभोक्ता तो दूर गैस एजेंसी संचालक भी नहीं जानते कि यह मुसीबत अभी कितने दिन और चलने वाली है। उपभोक्ता हंगामा न करें, इसलिए गैस नहीं है जब आएगी तो उपलब्ध करवा दी जाएगी कह कर एजेंसी संचालक बात टाल रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डिमांड के अनुपात में महज पांच से दस फीसदी ही सिलिंडर मिल रहे हैं, हर दिन बुकिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को जवाब देना भारी पड़ रहा है। आए दिन विवाद हो रहे हैं, इसलिए वह एजेंसी को ही बंद रखने के लिए मजबूर हैं। कंपनी से संपर्क करते हैं तो उन्हें भी सीधा जवाब नहीं मिलता।
कंपनी ने किसी को नहीं दिया समय
भारत गैस कंपनी ने न तो गैस एजेंसी संचालकों को बताया और न ही अपने उपभोक्ताओं को बताया कि आने वाले समय में कितने दिन के लिए गैस अनुपलब्ध रहेगी। जबकि कंपनी को नियमानुसार पहले बताना चाहिए था कि वह अपना स्टाक संभाल कर रखे, ताकि अव्यवस्था न हो। एक्सपर्ट की मानें तो सर्दियों में एक घरेलू सिलिंडर औसतन 20 से 22 दिन चलता है। जबकि सामान्य दिनों में यह 40 से 42 दिन चल जाता है। ऐसे में सर्दियों में रिफाइनरी की सफाई होना अपने आप में सवाल है।
दूसरी गैस कंपनी के उपभोक्ताओं से मिल रहा सहयोग
भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए इन दिनों इंडेन और एचपी राहत का सबब बने हुए हैं। लेकिन यह राहत भी सिर्फ उन उपभोक्ताओं को मिल रही है, जिनके घर में या पड़ोस में इन दो कंपनियों के अतिरिक्त गैस कनेक्शन हैं। फिलहाल इन दोनों कंपनियों के उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से एलपीजी मिल रही है।
अधिकारी नहीं उठा रहे फोन
गैस की किल्लत झेल रहे उपभोक्ताओं की सुनने वाला कोई नहीं है। क्योंकि गैस एजेंसी संचालकों को स्वयं नहीं पता कि गैस कब आएगी और कंपनी के अधिकारी इन दिनों फोन ही नहीं उठा रहे हैं। अमर उजाला ने इस समस्या के समाधान की जानकारी लेने के लिए प्रदेश के सेल अधिकारी मुकुल जैन से कई बार संपर्क किया, लेकिन अधिकारी ने फोन ही नहीं उठाया।