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सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के लिए भाजपा में मंथन शुरू

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रोहतक। नगर निगम चुनाव में विजयी रहे भाजपा के आठ पार्षदों में से सात वीरवार को मेयर मनमोहन गोयल के साथ सीएम मनोहर लाल व पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से मिलने पहुंचे। सीएम ने जहां लोकसभा व विधानसभा चुनाव में जीत को दोहराने का आशीर्वाद दिया, वहीं पार्षदों ने भी सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का दावा जताने की तैयारी शुरू कर दी है। सीनियर डिप्टी मेयर की दौड़ में कंचन खुराना आगे मानी जा रही हैं, क्योंकि खुराना दंपती लगातार तीसरी बार नगर निगम हाउस में पहुंचा है, जबकि राजकमल सहगल व राधेश्याम ढल को सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की नजदीकी का फायदा मिल सकता है।
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किसका दावा कितना मजबूत
कंचन खुराना : पार्टी से लंबे जुड़ाव व अनुभव का मिल सकता है फायदा
वार्ड नंबर 13 से विजयी रहीं महिला पार्षद कंचन खुराना दूसरी बार पार्षद बनी हैं, इससे पहले वे 2005 से 2010 तक नगर परिषद की पार्षद रहीं। जबकि 2013 से 2018 तक उनके पति अशोक खुराना पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वार्ड से विजयी रहे थे, जबकि अबकी बार वार्ड में बदलाव के बावजूद उनकी पत्नी कंचन खुराना जीत हासिल करने में कामयाब रहीं। साथ ही खुराना परिवार शुरू से ही आरएसएस व भाजपा से जुड़ा रहा है। कंचन के पति अशोक खुराना पार्टी में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी हैं। इससे पहले वे वार्ड प्रधान, युवा मोर्चा व जिला मीडिया प्रभारी व जिला व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रह चुके हैं। 2013 में भाजपा के मात्र दो पार्षद अशोक खुराना व अजय जैन टाटू चुने गए थे।
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राजकुमार सहगल : मंत्री की करीबी दिला सकती है कुर्सी
इनेलो छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले राजकुमार सहगल निगम चुनाव में सबसे ज्यादा मतों से विजयी रहे हैं। साथ ही वे मेयर के टिकट की दौड़ में भी थे। हालांकि, टिकट मनमोहन गोयल को मिलने के बाद सहगल ने कुछ नाराजगी भी दिखाई, लेकिन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर सीएम मनोहर लाल के आशीर्वाद से सहगल को मनाने में कामयाब रहे। उन्हें वार्ड 17 से मैदान में उतारा गया। सहगल की सीएम व मंत्री से करीबी उनको सीनियर डिप्टी मेयर तक की कुर्सी तक पहुंचा सकती है।
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राधेश्याम : हुड्डा के वार्ड में जीत दिला सकती है चौधर
निगम के 22 वार्ड में वार्ड नंबर 14 को सबसे हाट वार्ड माना जा रहा था। क्योंकि पंजाबी सियासत के गढ़ इस वार्ड में केवल दो प्रत्याशी थे। कांग्रेस समर्थित अनीता मिगलानी जहां दूसरी बार मैदान में थीं, जबकि भाजपा ने राधेश्याम ढल को उतारा था। तीसरा कोई निर्दलीय प्रत्याशी तक नहीं था। वार्ड में ढल ने न केवल खुद जीत दर्ज की, बल्कि हुड्डा समर्थित मेयर प्रत्याशी सीताराम सचदेवा के इसी वार्ड में होने के बावजूद भाजपा मेयर प्रत्याशी मनमोहन गोयल को 1800 वोट की लीड मिली। साथ ही उन्हें सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का भी करीबी माना जाता है।
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निर्दलीय : समर्थन देने की शर्त पर मांग सकते हैं डिप्टी मेयर की कुर्सी
हाउस के अंदर 22 वार्ड में से भाजपा को मात्र आठ में जीत मिली है। इसमें खुराना दंपती लगातार तीसरी बार, सुरेश किराड़ व पूनम किलोई दूसरी बार पार्षद बने हैं। हालांकि, पूनम के पति सूरजमल किलोई भी पार्षद रह चुके हैं। जबकि राधेश्याम ढल, मुक्ता नागपाल, डिंपल जैन, तिलकराज तड़का व राजू सहगल पहली बार निगम में पार्षद बने हैं। ऐसे में उनके सामने अनुभव की कमी कुर्सी तक पहुंचने में आड़े आ सकती है। दूसरा भाजपा को बहुमत के लिए चार पार्षद और चाहिए। ऐसे में निर्दलीय पार्षद डिप्टी मेयर की कुर्सी देने की शर्त रख सकते हैं।
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कांग्रेसी नहीं चुनौती देने की स्थिति में
हाउस के अंदर पांच कांग्रेस समर्थित पार्षद जीतकर पहुंचे हैं। इसमें पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, गुलशन ईशपुनियानी व अनिल कुमार शामिल हैं। जबकि वार्ड एक से कृष्ण सहरावत व वार्ड 22 से संतोष को कांग्रेस की पृष्ठभूमि से जुड़ा माना जा रहा है। भाजपा को हाउस में चुनौती देने के लिए कांग्रेसियों को आठ से 9 पार्षद और जुटाने होंगे, जो बिना सत्ता के प्रभाव के आसान काम नहीं है।
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सीएम बोले, लोकसभा व विधानसभा चुनाव की करें तैयारियां
गुरुवार को मेयर मनमोहन गोयल के साथ भाजपा पार्षद कंचन खुराना, राजकमल सहगल, राधेश्याम ढल, पूनम किलोई, डिम्पल जैन, मुक्ता नागपाल व सुरेश किराड़ चंडीगढ़ पहुंचे। जहां सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के आवास पर मेयर व पार्षदों से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष अजय बंसल की मौजूदगी में जीत पर बधाई दी। साथ ही कहा कि वे अपने वार्ड में बिना किसी भेदभाव के लोगों के काम करवाएं। जिन लोगों ने वोट नहीं दिया, उनको भी अपने साथ जोड़ें। आगे लोकसभा व विधानसभा चुनाव हैं।
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उलट कई कहानी : पांच साल पहले हाउस में बोलने तक नहीं दिया था भाजपा पार्षदों को
2 जून 2013 को नगर निगम का पहला चुनाव हुआ। इसमें 20 में से 13 कांग्रेस समर्थित पार्षद थे। साथ ही प्रदेश में हुड्डा सरकार थी। कड़े मंथन के बाद रेनू डाबला को मेयर, मंजू हुड्डा को सीनियर डिप्टी मेयर व अशोक भाटी को डिप्टी मेयर बनाने का प्रस्ताव रखा गया। हाउस के अंदर भाजपा की तरफ से मात्र अशोक खुराना, अजय जैन उर्फ टाटू व जयकिशन राजोतिया ही पार्षद थे। अशोक खुराना ने बताया कि जब उन्होंने हाउस में तीनों पदों पर चयन के लिए मतदान की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सर्वसम्मति के नाम पर तीनों पद कांग्रेसियों के पास चले गए थे। अबकी बार भाजपा का हाउस में दबदबा है। साथ ही सरकार भी पार्टी की है।
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लंबे समय से पार्टी से न केवल जुड़े रहे हैं, बल्कि तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर अपना दावा पार्टी के अंदर पेश करेंगे। पार्टी जो फैसला लेगी, वह मंजूर होगा।
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-कंचन खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 13
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अभी चंडीगढ़ से आए हैं। चुनावी भागदौड़ के बाद अब जाकर थोड़ा आराम मिला है। अभी घर हूं। अगर पार्टी सीनियर डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी देगी तो मंजूर होगी।
-राजकमल सहगल, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 17
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