प्रदेश में नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का मामला
शहरी निकाय विभाग के 32 हजार पक्के कर्मचारियों के साथ अधिकारियों का भी वेतन फंसा
- मई में हड़ताल के दौरान 16 दिन की सैलरी देने या न देने पर सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार
- नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान बोले, सोमवार को सैलरी नहीं मिली तो करेंगे सीएम से बात
- सीएम के मीडिया सलाहकार बोले, सरकार देगी कर्मचारियों का वेतन, सरकारी प्रक्रिया में लगता है समय
विजेंद्र कौशिक।
रोहतक। प्रदेश में पिछले माह 16 दिन चली शहरी निकाय विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 32 हजार कर्मचारियों के साथ अधिकारियों का भी वेतन अटक गया है। माह की 2 या 3 तारीख को मिलने वाला वेतन 9 तारीख के बाद भी कर्मचारियों के खातों में नहीं आया है। क्योंकि आधिकारिक तौर पर सरकार हड़ताल के दिनों की सैलरी काटने या देने पर अभी फैसला नहीं ले सकी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री का कहना है कि सोमवार शाम तक कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आया तो वे सीएम मनोहर लाल से बात करेंगे।
मइ में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये देने व दूसरी मांगों को लेकर प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिकाओं के कर्मचारी 9 से 26 मई तक हड़ताल पर रहे थे। इसके चलते प्रदेश के अंदर सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी। शहरों के अंदर जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। सीएम मनोहर लाल की हरी झंडी मिलने के बाद शहरी निकाय मंत्री कविता जैन, मनीष ग्रोवर व कृष्ण बेदी की तीन सदस्यीय कमेटी ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की थी। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल खत्म करने के लिए राजी हुए थे।
हड़ताल को वर्किंग डे मानने का हुआ था फैसला, सीएम से करूंगा बात
समझौते के समय सरकार ने हड़ताल के दिनों को वर्किंग डे मानकर सैलरी देने का वादा किया था। हर माह की दो या तीन तारीख को वेतन मिल जाता था, लेकिन अबकी बार नौ जून बाद भी पुराना वेतन भी नहीं मिला। शहरी निकाय विभाग के निदेशक, सह निदेशक तक से बात कर चुके हैं। हर बार जवाब मिलता है कि प्रक्रिया चल रही है। अगर सोमवार शाम तक कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं आया तो सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात करेंगे।
- नरेश शास्त्री, प्रधान नगर पालिका कर्मचारी संघ।
सरकार देगी वेतन, प्रक्रिया लगता है समय
समझौते के तहत सरकार हड़ताल के दिनों को वर्किंग डे मानकर पूरा वेतन देगी। प्रक्रिया चल रही है। शहरी निकाय विभाग को जरूरी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिसमें समय लगता है। जल्द वेतन कर्मचारियों के खातों में आ जाएगा।
-राजीव जैन, मीडिया सलाहकार सीएम
सरकार के फैसले से संतुष्ट नहीं, स्थानीय मंत्री नहीं दे रहे मिलने तक का समय
कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करवाने में सहकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर की अहम भूमिका रही। पहले मंत्री से मिलकर धन्यवाद करना करना चाहता था, अब वेतन के लिए मिलना था। हर बार पीए मंत्री के व्यस्त होने की बात कह देता है। देखते हैं मंत्री चुनाव के समय भी यूं ही व्यस्त रहेंगे या नहीं।
- संजय बिडलान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी संघ