श्रीमद् भागवत कथा में किया संसार की उत्पत्ति का वर्णन
रोहतक
सति ने पति का अपमान नहीं सहा। दक्ष प्रजापति की ओर से आयोजित यज्ञ की अग्नि में खुद को स्वाह कर दिया। यह कहना है देवी माधवी शर्मा का। वे सोमवार को स्वामी बालकपुरी महाराज की नौंवी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रही थी।
परिक्षित संवाद, संसार की उत्पत्ति, भगवान कपिल अवतार कथा का भी वर्णन करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सकारात्मक सोच से बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। सती व शंकर चरित्र का वर्णन करते हुए साधवी ने कहा कि बाल भक्त ध्रुव व प्रहलाद भक्ति के उदाहरण हैं। उन्हाेंने भजनों के जरिए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर यज्ञ का भी आयोजन किया गया। भगवत चरण अनुरागी, केशव कृष्ण ने भी अपनी प्रस्तुति दी।