चुनावी रंजिश में हुई पिता की मौत का लिया सात साल बाद बदला, युवक को कुल्हाड़ी से काटा
चरखी दादरी।
पिता की मौत का बदला लेने के लिए गांव नौरंगाबास जाटान में दो सगे भाईयों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वीरवार देर शाम एक युवक की कुल्हाड़ियों से ताबड़तोड़ से वार कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान गांव नौरंगाबास जाटान निवासी राजेश के रूप में हुई है। दोनों पक्षों में 2010 के सरपंच पद के लिए हुए चुनाव के बाद से ही रंजिश चली आ रही थी। हत्या कर आरोपी फरार हो गए। इसके बाद सूचना पर पहुंची आदमपुर चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटना के समय मृतक के साथ मौजूद उसके साथी सोनू के बयान पर तीनों आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी को काबू कर पूछताछ की तो उसने हत्या के कारणों का खुलासा किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दया। एक आरोपी के घर के समीप से पुलिस ने खून में सने डंडे भी बरामद किए हैं। एफएसएल टीम ने भी सिविल अस्पताल पहुंचकर शव की जांच की।
पुलिस को दिए बयान में सोनू ने बताया कि गांव नौरंगाबास निवासी राजेश की उसके गांव के ही दो सगे भाईयों ने वीरवार रात कुल्हाड़ी व डंडों से हमला कर हत्या कर दी। इस घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब मृतक अपने एक अन्य साथी गांव निवासी सोनू के साथ साइकिल का खेल देखने जा रहा था। वो दोनों खेतों में बने मकान से बाइक लेकर गांव के चौराहे पर पहुंचे थे। इस दौरान वहां पहले से मौजूद गांव निवासी सगे भाई महेश व फतेह सिंह सहित उनके तीसरे साथी मनोज ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सोनू ने बताया कि महेश ने राजेश पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया इससे वह संतुलन खो बैठा और बाइक सहित सड़क पर जा गिरा। इसी दौरान महेश ने उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इसके बाद फतेह सिंह ने भी कुल्हाड़ी से वार किए। इससे राजेश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर बदला पूरा होने की बात कहते हुए मौके से फरार हो गए। परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां कागजी कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता सुुरेंद्र दांगी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने पिता की मौत का बदला लेने, राजेश के दोनों भाईयों से मारपीट करने व एक साल पहले दोनों पक्षों में हुए विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया है।
ये था मामला
मृतक राजेश के चचेरे भाई संजय ने सरपंच पद के लिए अपना नामांकन भरा था। इस दौरान हत्या के आरोपी दोनों भाइयों के पिता ने राजेश के भाई के पक्ष में वोट डालने का आश्वासन दिया था जिसे उसने पूरा नहीं किया। इस संबंध में राजेश और आरोपियों के पिता की बीच झड़प भी हुई थी। झड़प में आरोपियों के पिता को चोट लग गई और कुछ माह बाद उसकी इंफेक्शन के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दोनों भाई राजेश को अपनी पिता की मौत का जिम्मेदार मानते थे। हालांकि पिता की मौत के बाद हत्यारोपियों ने राजेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई थी।