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घात लगाए कर रहे थे गांव के मुख्य चौक पर इंतजार

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घात लगाए कर रहे थे गांव के मुख्य चौक पर इंतजार
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चरखी दादरी।
गांव नौरंगाबास जाटान निवासी राजेश वीरवार शाम घर से गांव में लगा साइकिल का खेल देखने मोटरसाइकिल पर निकला था, लेकिन हत्यारोपियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी गांव के मुख्य चौराहे पर पहले से ही घात लगाए बैठे थे और राजेश के आने का इंतजार कर रहे थे। आरोपियों ने चलती बाइक पर ही राजेश पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। इस मामले में पकड़े गए एक आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हत्यारोपी दोनों सगे भाईयों के मन में अपने पिता की मौत के बाद से ही बदले की चिंगारी सुलग रही थी। जिसे उन्होंने सात साल बाद राजेश को मौत के घाट उतार कर बुझा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार झड़प हुई। पिता की मौत के बाद दोनों पक्षों में रंजिश और गहरी हो गई थी। उसने बताया कि ग्राम पंचायत चुनावों में वोट न देने को लेकर दोनों पक्षों में मन-मुटाव शुरू हुआ था जोकि बाद में रंजिश में बदल गया। वहीं, परिजनों ने बताया कि राजेश शराब ठेकेदारी भी करता था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इससे पिछले ग्राम पंचायत चुनावों में वोट न देने को लेकर दोनों पक्षों में मन-मुटाव हो गया था और इसके चलते हत्यारोपियों के पिता व मृतक राजेश के बीच हाथापाई भी हुई। इसमें हत्यारोपियों का पिता घायल हो गया और दोनों भाई राजेश से रंजिश रखने लगे। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में कई बार झड़प भी हुई लेकिन राजेश को वो कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए। वहीं, अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों व राजेश के परिजनों का कहना है कि हत्यारोपी सगे भाईयों व उनके एक साथी के साथ राजेश का करीब एक साल पहले झगड़ा हुआ था और इसके बाद से ही वो राजेश के साथ रंजिश रखे हुए थे। परिजनों ने ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान हुए झगड़े को तो स्वीकार किया लेकिन इसे राजेश की मौत का कारण बताने से साफ इंकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि राजेश को हत्यारोपियों से पैसे भी लेने थे। परिजनों ने बताया कि उन्हें आभास तक नहीं था कि दोनों भाई राजेश को मौत के घाट उतारने के लिए तैयार बैठे हैं।
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सात साल बाद चुनावी रंजिश में हुए झगड़े का लिया बदला
सरपंच पद के लिए मृतक राजेश के चचेरे भाई संजय ने भी अपना नामांकन भरा था। इस दौरान हत्यारोपी भाईयों के पिता ने राजेश के भाई के पक्ष में वोट डालने का आश्वासन दिया था जिसे उसने पूरा नहीं किया। इसके चलते राजेश व हत्यारोपियों के पिता की बीच झड़प भी हुई थी। जिसमें उसे चोट लग गई थी और कुछ माह बाद उसकी इंफेक्शन के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दोनों भाई राजेश को अपनी पिता की मौत का जिम्मेवार मानते थे। हालांकि पिता की मौत के बाद हत्यारोपियों ने राजेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई थी।
परिजनों ने हत्यारोपियों पर लगाया राजेश के ठेके से शराब चुराने का आरोप
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक राजेश के चाचा रामचंद्र ने बताया कि राजेश शराब ठेकेदारी भी करता था। उसने गांव के शराब ठेके के अलावा कलियाणा व सुर्द बलियाली में भी शराब के ठेके ले रखे थे। मृतक के चाचा ने बताया कि हत्यारोपियों से राजेश को करीब 12 हजार रुपये भी लेने थे। उसने बताया कि कुछ समय पहले हत्यारोपियों ने नौरंगाबास जाटान स्थित ठेके से शराब की बोतलें भी चुराई थीं।
अब हमारा बदला हुआ पूरा...कहकर हमलावर हुए फरार
हत्याकांड के चश्मदीद गवाह सोनू ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि राजेश पर पहला वार बाइक पर किया गया। कुल्हाड़ी लगने के बाद वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसका फायदा उठाकर एक हत्यारोपी ने उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया और इससे राजेश तड़पने लगा। तभी दूसरे हमलावर ने उसकी नाक व आंखों पर कुल्हाड़ी का वार कर दिया। पुलिस को दिए बयान में सोनू ने बताया कि उसके व अन्य ग्रामीणों के सामने ही राजेश ने दम तोड़ दिया। इससे पहले हमलावर अब हमारा बदला हुआ पूरा कहकर मौके से भाग निकले।
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वर्जन::
पुलिस ने इस संबंध में सोनू के बयान पर तीनों हत्यारोपियों पर नामजद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को काबू किया है। उससे पूछताछ करने पर हत्या के कारणों का खुलासा हुआ है। बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद हत्या के कारण और पुख्ता हो जाएंगे।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
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