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अब समाज के समाने दिया जाएगा नांदल भवन कल्याण समिति का रिकार्ड

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक।
नांदल खाप में समिति के रिकार्ड को लेकर चल रहे मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। पुराने पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी को नहीं, बल्कि समाज को हिसाब देंगे। इसके लिए आठ अक्तूबर को गांव में पंचायत बुलाई जाएगी। पंचायत के माध्यम से पूरा रिकार्ड समाज के सामने रखा जाएगा।
दरअसल, नांदल खाप की वर्तमान कार्यकारिणी ने पुराने पदाधिकारियों पर नांदल भवन कल्याण समिति का रिकार्ड नहीं देने के आरोप लगाए थे। खाप प्रधान ओमप्रकाश नांदल की तरफ से पुराने पदाधिकारियों को पत्र भी भेजे गए थे। हालांकि पुराने पदाधिकारियों का तर्क था कि वह समिति का रिकार्ड पहले ही दे चुके हैं। वर्तमान कार्यकारिणी के कहने पर हिसाब नहीं देंगे। अमर उजाला ने यह मामला प्रमुख से उठाया। इसके बाद अब पुराने पदाधिकारियों की तरफ से गांव में आठ अक्तूबर की पंचायत बुलायी गई है।
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पूर्व प्रधान महेंद्र नांदल का कहना है कि वह पहले भी रिकार्ड दे चुके हैं, लेकिन यदि समाज इसे दोबारा से देखना चाहता हैं तो वह पंचायत में आ सकते हैं। रिकार्ड वर्तमान कार्यकारिणी को नहीं, बल्कि समाज को दिया जाएगा। समाज के समाने पाई-पाई का हिसाब दिया जाएगा कि नांदल भवन के निर्माण के लिए कितना चंदा आया और उसमें कितने रुपये खर्च हुए। लेकिन इसके साथ ही यदि वर्तमान कार्यकारिणी भी अपना एक साल का हिसाब समाज के सामने दें तो बेहतर होगा। इसमें सभी को पता चल जाएगा कि रिकार्ड सही है या गलत और आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर भी खत्म हो जाएगा। समाज एकजुट है और आगे भी एकजुट ही रहेगा।

20 अक्तूबर के सम्मेलन को लेकर उठाए जा रहे विवाद
नांदल खाप का हर वर्ष 20 अक्तूबर को सम्मेलन किया जाता है। इस सम्मेलन में हरियाणा के अलावा यूपी के बुलंदशहर में बसे नांदल खाप के कई गांव भी शामिल होते हैं। सम्मेलन में खाप की मजबूती का आह्वान किया जाता है। सूत्रों की मानें तो सम्मेलन में इस बार वर्तमान कार्यकारिणी और पुराने पदाधिकारियों के बीच उठा यह विवाद भी सामने आ सकता है। जिससे एक-दूसरे पर समाज के सामने ही आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा सके। इसीलिए इस विवाद को सम्मेलन से कुछ दिन पहले उठाया गया है।
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अठगामा प्रधान भी हो सकते हैं वजह
पिछले दिनों अठगामा प्रधान को लेकर भी गांव में पंचायत हुई थी। इस पंचायत में भी खाप के लोग दो धड़ों में बंट गए थे और पंचायत सिरे नहीं चढ़ सकी। इस पर तत्कालीन प्रधान बलराज नांदल के समर्थकों ने उन्हें ही प्रधान घोषित कर दिया था, जबकि नांदल खाप की वर्तमान कार्यकारिणी दूसरे खेमें में है और उन्होंने प्रधान मानने से इनकार कर रखा है। प्रधान के चयन को लेकर अब छह माह बाद दोबारा से पंचायत बुलायी जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अठगामा प्रधान को लेकर उठा विवाद भी इस रिकार्ड का मामले उठाए जाने की वजह बन सकता है।
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