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हड़ताल के डर से पीजीआई प्रबंधन सहमा, रिपोर्ट आने के बाद भी कार्रवाई नहीं

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक।
लेबर रूप से बच्चा चोरी होने के मामले में पीजीआई प्रबंधन कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति में है। अधिकारी खुद को बचाने के लिए छोटे कर्मियों पर गाज गिरा रहे हैं तो वहीं डॉक्टर और नर्सिंग एसोसिएशन खुद के खिलाफ कार्रवाई होने पर हड़ताल की चेतावनी दे डाली। इससे जांच कमेटी की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद अब तक पीजीआई प्रबंधन कार्रवाई तक नहीं पा रहा है।
गाइनी विभाग से बच्चा चोरी हुए करीब 20 दिन बीत चुके हैं। वहीं लापरवाही का आरोप लगने पर अधिकारियों, डॉक्टरों और नर्सिंग एसोसिएशन एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सभी खुद को निर्दोष बताकर दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहे हैं। यही नहीं कार्रवाई होने पर एसोसिएशन हड़ताल पर जाने की चेतावनी तक दे रहे हैं। ऐसे में पीजीआई प्रबंधन संस्थान में आने वाले मरीजों की समस्या और संस्थान की साख बचाने में जुटा है। हालात ये हैं कि जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद प्रबंधन कार्रवाई तक नहीं कर पा रहा है। बच्चा चोरी के बाद संस्थान पूरी तरह से राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है और इनके बीच बेचारा वो परिवार पिस रहा है जिसने अपने लाल को जी भरकर देखा तक नहीं।
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केवल नर्स जिम्मेदार नहीं
अधिकारियों ने विभिन्न विभागों का दौरा किया था। उस बीच अधिकारियों से बातचीत की गई है। स्पष्ट कहा गया है कि इसमें केवल नर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। डॉक्टर और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। अब यदि कोई कार्रवाई होती है तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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- अशोक यादव, प्रधान नर्सिंग एसोसिएशन

कार्रवाई हुई तो कर देंगे हड़ताल
इस प्रकरण में मेडिकली गलती नहीं है, बल्कि यह चोरी का मामला है। इसके लिए डॉक्टरों को किस आधार पर दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है। खुद को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। यदि डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो हड़ताल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
- डॉ. जंगवीर ग्रेवाल, प्रधान, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन पीजीआई
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