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शहर को खुले में शौचमुक्त करने के दावे कागजी, मोबाइल टॉयलेट के ताले ही नहीं खुले ‘साहब जी’

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी।
गांवों को खुले में शौचमुक्त करने के बाद प्रशासनिक अमला अब शहर में अभियान चलाकर शहर को खुले में शौचमुक्त करने की तैयारी में है। लेकिन जमीनी हकीकत में यह अभियान सिर्फ कागजों पर ही दिखाई दे रहा है। कारण- शहर में रखे मोबाइल टॉयलेट का अभी भी बंद पड़े रहना। जरूरत अनुसार शहर में निजी कंपनी की ओर से रखे गए ये मोबाइल टॉयलेट पिछले दो महीनों से ताला खुलने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी मुताबिक बावल स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बनाए इन मोबाइल टॉयलेट को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल कंपनी ने नि:शुल्क रखा था। फिलहाल प्रशासन और कंपनी के बीच के कम्यूनिकेशन गेप के चलते इन सभी मोबाइल टॉयलेट पर ताले लगे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना किसी ऐसी पहल को मूर्त रूप दिए शहर खुले में शौचमुक्त कैसे हो सकेगा।

चार अलग-अलग क्षेत्रों मेें आठ टॉयलेट रखे
बावल स्थित कंपनी ने फिलहाल शहर के चार क्षेत्रों में अभी आठ जगह इन मोबाइल टॉयलेट को रखवाया है। इनमें से दो सेक्टर-3 मार्केट, तीन तकिया सराय, दो झज्जर रोड पर और एक नगर परिषद के पास रखा गया है। कुछ जगह मोबाइल टॉयलेट पूरी तरह फिट किए जा चुके हैं तो एक-दो जगह फिट होने बाकी हैं।
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सामुदायिक शौचालय न होने से मार्केट और बस्तियों में हैं प्रभावी
शहर में पब्लिक टॉयलेट होने की सबसे ज्यादा जरूरत है तो वह है शहर के प्रमुख मार्केट। पंजाबी मार्केट, मोती चौक, गुड़ बाजार, सर्राफा बाजार जैसे तमाम बाजारों में सामुदायिक शौचालय नहीं हैं। कारण, यहां शौचालय के लिए जगह भी नहीं है। ये मोबाइल टॉयलेट बेहद कम जगह में लग जाते हैं। ऐसे में ये इन बाजारों में काफी इफेक्टिव होंगे। इसके अलावा कई झुग्गी-झोपड़ियों बस्ती में भी इसकी काफी जरूरत है।

फिक्स टॉयलेट की तरह भी हो सकता उपयोग
इसके अलावा एक और बात यह है कि इन टॉयलेट्स को पानी और सीवर लाइन के कनेक्शन की जगह रखकर फिक्स टॉयलेट के तौर पर भी यूज किया जा सकता है। वहीं इसके सेप्टिक टैंक में बायो डायजेस्टर से पानी की सफाई होगी। इन टॉयलेट की सप्लाई रेवाड़ी के अलावा प्रदेश और देश के कई अन्य शहरों में भी हो रही है।
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बावल स्थित कंपनी ने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर कुछ जगह नि:शुक्ल मोबाइल टॉयलेट लगवाए हैं। इनके अभी तक बंद होने की जानकारी नहीं थी। जल्द ही इन्हें शुरू करवाया जाएगा। शहर को ओडीएफ करने के प्रति प्रशासन गंभीर है।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी
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