लावारिस पशु नुकसान करें तो मिलेगा हर्जाना
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
लावारिस पशु अगर किसी का नुकसान करें, बाइक तोड़े या किसी को घायल करें तो नगर परिषद व जिला प्रशासन हर्जाना देने के लिए जिम्मेदार है। कोर्ट ने अपने फैसले में ये निर्देश दिए हैं। हर्जाना कितना होगा यह नुकसान पर निर्भर है। कोर्ट का मानना है कि लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर परिषद की है तो अव्यवस्था की जिम्मेदारी भी इन्हीं की होगी।
शहर में लावारिस पशुओं का आतंक मचा है। शहर की सड़कों पर इन्हीं का कब्जा है। आए दिन सांड़ लड़कर आमजन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसी के वाहन तोड़ रहे हैं तो किसी का अन्य सामान। अनेक लोगों को घायल कर चुके हैं तो आधा दर्जन के करीब लोगों की मौत का कारण बन चुके हैं। आमजन सिर्फ ये ही सोचकर कि इसकी शिकायत कहां करें और क्या करें अपना नुकसान स्वयं वहन कर लेते हैं।
लावारिस पशु किसी को नुकसान पहुंचाते हैं तो इसके लिए जिला प्रशासन व नगर परिषद जिम्मेदार है। करीब 24 दिन पहले कोर्ट की ओर से दिए लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाकर गोशाला में पहुंचाने के फैसले में यह भी शामिल था कि यदि लावारिस पशु किसी का नुकसान करते हैं तो जिला प्रशासन व नगर परिषद हर्जाना देगा। किसी को चोट पहुंचाते हैं तो उसके इलाज के लिए चोट के आधार पर हर्जाना दिया जाएगा। वाहनों में तोड़फोड़ या अन्य नुकसान है तो उसके लिए हर्जाना दिया जाएगा। लावारिस सांड़ों से हुए नुकसान के लिए लोगों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
लावारिस पशु किसी का सामान तोड़े या किसी को घायल करे तो इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन व नगर परिषद है। ऐसे में हर्जाना देना भी इनकी जिम्मेदारी है। हर्जाना कितना होगा यह नुकसान पर निर्भर है। यदि किसी को चोटिल किया है तो उसके इलाज का खर्च, चोट ज्यादा है या कोई हैंडिकैप हो गया है तो उसके अनुसार हर्जाना दिया जाएगा। बहुत से लोग जानकारी न होने के कारण मुआवजे के लिए आवेदन नहीं करते।
-प्रवीण कुमार, एडवोकेट
जताया रोष, फिर भी नहीं सुधरे हालात
सब्जी मंडी में शहर के सबसे ज्यादा लावारिस सांड व अन्य लावारिस पशु है। लावारिस सांडों की संख्या एक सौ से अधिक है। सांड़ अक्सर लड़ते है मंडी के दुकानदारों को भारी चोट पहुंचाते है। औसतन हर रोज एक-दो लोगों को ये सांड़ अस्पताल पहुंचा रहे हैं।
लावारिस सांड़ हर किसी के लिए परेशानी बन रहे हैं। हर रोज किसी न किसी को घायल कर रहे हैं। वाहन तोड़ रहे हैं और दुकानदारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुकानदार एकत्रित होकर अनेक बार रोष जता चुके हैं। भिवानी में सबसे ज्यादा समस्या सब्जी मंडी में है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। - श्याम लाल, दुकानदार, सब्जी मंडी
आसपास के गांव वाले अपने लावारिस पशुओं को सब्जी मंडी में छोड़ जाते हैं। यहां कभी किसी की सब्जी खा जाते हैं तो कभी किसी के फ्रूट। जितना खाते हैं, उससे ज्यादा खराब कर देते हैं। भागने और लड़ाई करने के दौरान तोड़फोड़ करते हैं वह अलग। हर समय खतरा रहता है। - हरिचंद, दुकानदार
सब्जी मंडी के बाहर ये सांड़ सड़क पर जमा हो जाते हैं। रात के समय तो पूरी मंडी के साथ सड़क पर जमा होते हैं और हादसों का कारण बनते है। अंधेरे में ये दिखाई नहीं देते। प्रशासन ने एक बार रिफ्लेक्टर पट्टी लगाने का अभियान शुरू किया था मगर दो-चार पशुओं को बांधकर खत्म कर दिया। अब हर रोज इनके कारण हादसे हो रहे हैं। - भगवान सिंह, दुकानदार