फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिस स्कूल में अब तक दे रहे थे फीस, अब उसी स्कूल में फ्री में पढे़ंगे बच्चे

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। लंबे इंतजार के बाद बुधवार सुबह नियम 134ए की प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को स्कूल अलॉट हो गए हैं। स्कूल अलॉट होने के बाद अभिभावकों की परेशानियां कुछ कम तो हुई हैं, परंतु समाप्त नहीं हुई हैं। शिक्षा विभाग की ओर से कुछ अभ्यर्थियों को वो ही स्कूल अलॉट हो गए हैं, जिन स्कूलों में वे पहले ही पढ़ रहे थे।
विज्ञापन

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के जिलाध्यक्ष रवींद्र कुंडू का कहना है कि विभाग के इस तरह स्कूल अलॉट करने के कारण जो बच्चे पहले किसी स्कूल में पूरी फीस देकर शिक्षा ग्रहण करते थे, अब वे ही बच्चे उसी स्कूल में निशुल्क पढ़ेंगे। इससे उस स्कूल में पढ़ रहे अन्य 90 प्रतिशत विद्यार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि विभाग की गाइड लाइन के अनुसार अभ्यर्थियों को नियम 134ए के वही स्कूल अलॉट नहीं हो सकते, जिस स्कूल में वे पहले से शिक्षा ग्रहण कर रहे थे।

स्कूल ढूंढना अभिभावकों के लिए बना चुनौती
विभाग की ओर से अलॉट किए गए स्कूल की सूचना अभिभावकों तक एसएमएस के माध्यम से पहुंच गई थी। अभिभावकों के सामने अब स्कूल ढूंढने की चुनौती है। अभिभावकों का कहना है कि उनके मोबाइल पर जो एसएमएस आया है उसमें केवल स्कूल का नाम दिया गया है। अब इस स्कूल को ढूंढने में ही उनके पसीने छूट रहे हैं।
विज्ञापन


10 मई को जारी होगा दूसरा ड्रॉ
खंड शिक्षा अधिकारी आदर्श राजन ने बताया कि नियम 134 ए के तहत रोहतक खंड के 2003 बच्चों का दाखिला होना है। जिनमें से 1487 अभ्यर्थियों को बुधवार को स्कूल अलॉट हो चुके हैं। बाकी बचे हुए अभ्यर्थियों की सूची दूसरे ड्रॉ में जारी होगी। यह सूची आगामी 10 मई को जारी होगी।

स्कूल जाते समय ले जाएं ये दस्तावेज
-स्कूल अलॉटमेंट का लेटर
-बच्चे का आधार कार्ड
-बीपीएल कार्ड या इनकम सर्टिफिकेट
-पिछलेे स्कूल का एसएलसी
-रिहायसी प्रमाण पत्र
-जन्म प्रमाण पत्र

बच्चों को पिछला वाला स्कूल अलॉट होने की सूचना हमें मिली है। इस संबंध में हमारी ओर से हेड क्वार्टर में क्वेरी लगा दी गई है। अब उनके जवाब का इंतजार रहेगा।
-सुरेंद्र हुड्डा, नोडल अधिकारी, नियम 134 ए


रोहतक ब्लॉक के 2003 विद्यार्थियों में से 1487 अभ्यर्थियों को स्कूल अलॉट हो चुके हैं। अभिभावक विभाग की ओर से अलॉट हुए स्कूलों से खुश नहीं हैं, जबकि वे स्कूल उनकी पसंद की सूची में पहले नंबर पर थे। विभाग ने अभ्यर्थियों को स्कूल बदलने का अवसर पहले भी दिया था। पहले वाला स्कूल ही अलॉट होने की स्थिति का एक केस हमारे पास आया है। इस संबंध में हेड क्वार्टर से सुझाव मांगा गया है।
विज्ञापन

-आदर्श राजन, खंड शिक्षा अधिकारी, रोहतक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें