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आखिर शहर को कब मिलेगी पेयजल संकट से निजात...

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आखिर शहर को कब मिलेगी पेयजल संकट से निजात...
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कहीं फूटे मटके तो कहीं अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी

फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर को इस बार भी हर साल की तरह गर्मी में पेयजल संकट से दो चार होना पड़ रहा है। क्योंकि शहर में कई स्थानों पर एक समय भी पानी नहीं आ रहा है। इसके विरोध में कहीं महिलाएं मटके फोड़ कर प्रदर्शन कर रही हैं तो कहीं आमजन परेशान हो कर अधिकारियों को खरी-खरी सुना रहे हैं। इसके बावजूद शहर में पेयजल की किल्लत जस की तस बनी हुई है।

हिसार रोड स्थित शास्त्री नगर निवासी कृष्णा शर्मा ने बताया कि उनके यहां दो माह से पानी नहीं आया है। वह कैंपर का पानी खरीद कर पीने के मजबूर हैं। इसके अलावा पब्लिक हेल्थ विभाग हर छह माह में पानी का बिल भेज देता है। वह अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। इसके अलावा कृष्ण कुमार शर्मा, देवेंद्र अहलावत, हवा सिंह, राज, सुमित्रा व सतपाल ने रोष जताते हुए कहा कि अगर उनकी पेयजल संबंधी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह उपायुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। वहीं सलारा मोहल्ला निवासियों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर लंबे समय से पानी न आने के विरोध में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने खाली मटके दिखा कर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
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इसके बाद एसडीएम राकेश कुमार ने महिलाओं को आश्वासन देकर महिलाओं को वापस भेजा। लघु सचिवालय के बाहर जा कर कुछ महिलाओं ने मटके फोड़ दिये और चेतावनी दी की अगर उनकी पेयजल की समस्या दूर नहीं हुई तो वह विरोध प्रदर्शन करेंगे। राहुल जैन ने बताया कि तीन साल से पानी नहीं आ रहा है। जब पानी का समय होता है तो बिजली चली जाती है। सड़क पर पानी आता भी है तो गली में पानी की बूंद भी नहीं आती। इसके विरोध में कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। वीरवार को एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। वह सायं छह बजे सलारा मोहल्ला में स्थिति का जायजा लेने आए थे। इसके साथ ही अधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा है, इस पर महिलाओं ने अधिकारी को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।

वहीं नव चेतना मंच के अध्यक्ष राहुल जैन ने रोष जताते हुए बताया कि पब्लिक हेल्थ ने समय पर पानी तो भेजा नहीं बल्कि अपने 50 कर्मचारियों की टीम लोगों को डराने के लिए भेज दी। यह कनेक्शन की जांच कर रहे थे कि यह कनेक्शन वैध हैं या नहीं। वहीं सेक्टर-एक के निवासियों ने वीरवार सायं को पेयजल न आने के विरोध में जमकर बवाल काटा। स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि उनके यहां कई दिनों से पानी समय पर नहीं आ रहा है।

पहले पानी की सप्लाई में कटौती की जा रही थी, अब पानी आना बंद हो गया है। स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह हुडा कार्यालय पर प्रदर्शन करने के अलावा उपायुक्त कार्यालय पर भी विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर विजय कुमार, संतोष, कमला, मामन चंद, ललिता, सुनील, जसवंत, अशोक शर्मा, ऊषा, सुधा आदि ने पेयजल न आने के विरोध में प्रदर्शन किया।

बोले अधिकारी
सेक्टर एक में पानी की कोई समस्या नहीं है। हुडा के वाटर वर्क्स से सेक्टरों में पूरा पानी जा रहा है। कुछ लोग बिजली की मोटर चला लेते हैं, इसलिए कुछ लोगों को समस्या हो जाती है। यदि किसी को समस्या है तो वह विभाग से संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज कराए।
- सतीश शर्मा, एसडीई, हुडा

पब्लिक हेल्थ विभाग ने चलाया जांच अभियान
रोहतक (ब्यूरो)। पेयजल की किल्लत पर संज्ञान लेते हुए पब्लिक हेल्थ विभाग ने वीरवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इसमें टीम ने जांचा कि जल घर से बूस्टिंग स्टेशन तक जाने वाली मुख्य लाइन से किसने अवैध कनेक्शन लिए हैं।
इसके अलावा टीम ने एक तरह से सर्वे किया है कि किसके घर किस समय पानी आता है। जांच टीम के अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पता लगाने का प्रयास किया है कि मुख्य लाइन से कौन पानी ले रहा है। क्योंकि मुख्य लाइन से पानी लेना कानूनी अपराध है। उपभोक्ता मुख्य लाइन से पानी लेने की बजाये बूस्टिंग से आने वाली लाइन से पानी ले सकता है। कुछ लोगों ने जानबूझ कर नियमों को ताक पर रख कर मुख्य लाइन से कनेक्शन लिया हुआ है। इसके चलते पूरा पानी बूस्टिंग स्टेशन तक नहीं पहुंच पाता। सर्वे के माध्यम से पहचान की जा रही है कि किसके यहां अवैध कनेक्शन हैं और किसके यहां नल लगा है, लेकिन पानी भरने के उसे बंद करने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे घरों में पानी की वेस्टेज अधिक है और वह आगे पानी जाने ही नहीं दे रहे हैं। जेई अमित ने बताया कि विभाग की जिम्मेदारी है कि सभी उपभोक्ताओं के घर तक पानी पहुंचाया जाए। इसके लिए इन अवैध कनेक्शनों और पानी की वेस्टेज पर लगाम लगानी आवश्यक है।
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फोटो नंबर-10 और 02
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खोखराकोट की फतेहपुरी कॉलोनी, भोम अखाड़ा आदि एरिया में दिन में एक बार ही पीने का पानी आता है। यहां पीने का गंदा पानी भी तीन से चार दिन में ही मिल पाता है। राजेश इंदौरा ने रोष जताते हुए बताया कि उनके यहां यह बुरा हाल राम जोहड़ी पर बूस्टर लगने के बाद हुआ है। अधिकारी व सरकार कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है। पेयजल समस्या से पूरा खोखराकोट परेशान है।

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