बदलाव : रोहतक कोर्ट में माता-पिता ने लगाई इंटर कास्ट मैरिज पर मोहर
- सुप्रीम कोर्ट में बोली खाप, नहीं करती प्रेम विवाह का विरोध
शक्ति वाहिनी की तरफ से की जा रही छवि खराब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
10 दिन पहले इंटर कास्ट मैरिज करने वाला प्रेमी युगल सोमवार को जिला सेशन कोर्ट में पेश हुआ, जहां पुलिस ने लड़की और लड़के के माता-पिता के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों ने लिखित में कहा कि उन्हें शादी से कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने भी पुलिस को भी सुरक्षा करने की हिदायत दी। इसके बाद युगल खुशी के साथ घर रवाना हो गया। उधर, सुप्रीम कोर्ट में भी रोहतक की खापों की तरफ से पक्ष रखा गया कि वे प्रेम विवाह के विरोध में नहीं हैं। बेवजह शक्ति वाहिनी की तरफ से खापों को बदनाम किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक आर्य नगर की एक युवती बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ रही है। जबकि सिंह पुरा का युवक फोटोग्राफी का कार्य करता है। 25 जनवरी को दोनों ने मर्जी से अंतरजातीय प्रेम विवाह कर लिया। साथ ही जिला सेशन कोर्ट में याचिका दायर की कि उनके फैसले से घर वाले खुश नहीं हैं। ऐसे में दोनों की सुरक्षा को खतरा है। अदालत ने आर्य नगर थाना पुलिस को हिदायत दी कि दोनों पक्षों को अदालत में बुलाया जाए। दोनों के माता-पिता ने सोमवार को कोर्ट के अंदर बयान दिए कि युगल बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी की है। इसका वे विरोध नहीं करते। इसके बाद युगल रवाना हो गया। एएसआई उधम सिंह ने बताया कि अब किसी तरह का तनाव नहीं है।
बेवजह खापों को किया जा रहा बदनाम : हुड्डा
हुड्डा खाप के पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा का कहना है कि शक्ति वाहिनी संस्था की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में बेवजह खापों को बदनाम किया जा रहा है। सोमवार को रोहतक की खापों की तरफ से एडवोकेट जितेंद्र हुड्डा शीर्ष अदालत में पेश हुए। कोर्ट को बताया कि खाप समाज को जोड़ने का काम करती हैं, तोड़ने का नहीं। शक्ति वाहिनी संस्था द्वारा जो केस डाला गया है, उन लोगों को खापों की कार्यप्रणाली का ज्ञान ही नहीं है। 36 बिरादरी द्वारा समाज का सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति खाप प्रतिनिधि के तौर पर बनाया जाता है। समाज के 90 प्रतिशत मामलों को खाप पंचायतों द्वारा भाईचारे के साथ मिल-बैठकर सुलझाया जाता है ताकि समाज को अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें। वहीं, हुड्डा खाप के पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा ने बताया कि आज तक किसी भी खाप प्रतिनिधि ने ऑनर किलिंग में न तो कोई भूमिका निभाई है और न ही ऐसे घृणित कार्य के बारे में खाप प्रतिनिधि सोच सकते हैं। जिन लोगों को खापों का ज्ञान ही नहीं है वे समाज में अफवाहें फैलाकर खापों को बदनाम कर रहे हैं। केस की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।