फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम घोषणा में सरकारी विभाग ही अटका रहे रोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम घोषणा में सरकारी विभाग ही अटका रहे रोड़ा
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सीएम घोषणा में खुद सरकारी विभाग ही रोड़ा बन गए है। नगूरां गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए जा रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने जमीन ट्रांसफर नहीं होने की बात कहकर काम रुकवा दिया। स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी के निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को सौंपा था। अब जिला विकास एवं पंचायत विभाग तथा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर आमने-सामने हैं। हालांकि मंगलवार को दोनों विभागों के अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर मामले को निपटाने की तरफ कदम बढ़ाया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 12 अप्रैल 2015 को नगूरां गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2017 को पीएचसी के निर्माण के लिए तीन करोड़ 33 लाख 90 हजार रुपए का बजट भी अलॉट हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी के निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को सौंपा था। विभाग ने टेंडर अलॉट करके ठेकेदार को निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी थी। सोमवार को जब ठेकेदार ने नगूरां गांव में पीएचसी के निर्माण का कार्य शुुरु किया तो गांव के सरपंच को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय की तरफ से काम को रुकवाने के निर्देश मिले। पहले ग्राम पंचायत ने पीएचसी को 27 मरले जमीन देने का प्रस्ताव पास किया था लेकिन बाद में इसे 17 मरले 9 कनाल कर दिया गया। ठेकेदार को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग से इस 27 मरले जमीन पर पीएचसी के निर्माण का कार्य शुुरु करने के निर्देश मिले थे लेकिन पंचायत विभाग ने काम को यह कहकर रुकवा दिया कि पीएचसी के लिए 17 मरले नौ कनाल जमीन ही स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है।
विज्ञापन


बॉक्स
अधिकारी पहुंचे साइट पर
काम रूक जाने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन नवनीत नैन, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अभिनव मेहता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मंगलवार शाम नगूरां में पीएचसी की साइट पर पहुंचे और विवाद को निपटाया। इस दौरान पंचायत व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभागों के अधिकारियों के बीच तय हुआ कि पीएचसी का काम जारी रहेगा, लेकिन पंचायत विभाग जीमन का प्रस्ताव दोबारा तैयार कर, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को भेजेगा।


सड़क में जाएगी आठ कनाल जमीन
जहां पीएचसी के लिए जमीन तय हुई है, यहां पंचायत की जमीन के दो भूखंड हैं। इनमें से एक भूखंड 11 व दूसरा 17 कनाल का है। कुल मिलाकर यह 28 कनाल जमीन बनती है। इस दौरान अधिकारियों में तय हुआ कि करीब आठ कनाल जमीन सड़क निर्माण में जाएगी तो पीएचसी के लिए महज 20 कनाल जमीन ही बचेगी। ऐसे में दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।


ग्रामीणों को नहीं कोई एतराज
ग्रामीणों को पीएचसी के निर्माण पर कोई एतराज नहीं है। विभाग चाहे किसी भी जमीन पर इसका निर्माण करवा सकता है, लेकिन पंचायत विभाग की तरफ से काम रुकवाने के निर्देश मिले हैं। ग्राम पंचायत ने 17 मरले 9 कनाल जमीन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दी है, लेकिन पीएचसी का निर्माण ठेकेदार 27 मरले जमीन पर शुरु किया गया था, जो रुकवा दिया है।
विज्ञापन

- जसवंत सिंह, सरपंच नगूरां


जमीन ट्रांसफर का मामला है, सुलझा लिया जाएगा
पहले पंचायत ने 27 मरले जमीन पर निर्माण का कार्य शुरु करने के लिए प्रस्ताव पास किया था, जिस पर वे निर्माण कार्य शुरु करवा रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को केवल 17 मरले 9 कनाल जमीन ही ट्रांसफर की गई है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को लेकर मौके का निरीक्षण किया गया है। जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा और निर्माण कार्य शुरु होगा।
- नवनीत नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
.......
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें