जसिया रैली के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण
- मकड़ौली गांव में जेल से आए युवकों ने बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जसिया में 26 नवंबर को होने वाली जाट महारैली का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को मकड़ौली गांव में जेल से जमानत पर आए युवाओं ने बैठक की।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि यशपाल मलिक ने समाज के साथ धोखा किया है। धरने चलाकर पहले समाज के लोगों से चंदा लिया और अब मुद्दों को छोड़कर संस्थान की नींव रखी जा रही है। यह सरासर गलत है। समाज के लोगों ने आरक्षण आंदोलन और युवाओं की रिहाई के लिए चंदा दिया था। जिस मुद्दे के लिए चंदा दिया गया पहले उसे पूरा किया जाए। इसके बाद ही दूसरे काम में रुपये खर्च किए जाए।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से पहले भी इस बारे में कई सवाल पूछे जा चुके हैं, लेकिन उनके पास कोई सटीक जवाब नहीं है। निर्णय लिया गया कि समिति के लोगों को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा और न ही किसी को कोई चंदा देंगे। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी रैली के विरोध में वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। इस मौके पर योगानंद बलियाना, राहुल दादू, जोगा बालंद, जसबीर, नसीब, विक्की, जयवीर, कप्तान और अमित पहलवान आदि मौजूद रहे।