फ्लैग : जसिया में जाट महारैली से लेकर सरपंचों की सियासत तेज
हेडिंग : सुमित को प्रधानी से हटाने के लिए मीटिंग में नहीं जुटे सरपंच
: बीडीपीओ आफिस में बुलाई गई सरपंचों की मीटिंग में 47 में से पहुंचे मात्र 10
: सरपंचों में फूट डालने का प्रयास नहीं होगा कामयाब : सुमित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जसिया गांव में 26 नवंबर को होने वाली जाट महारैली से पहले रोहतक ब्लॉक के सरपंचों की सियासत तेज हो गई है। सरपंचों की शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय में मीटिंग बुलाई गई, जिसमें 47 में से मात्र 10 सरपंच पहुंचे। मीटिंग का मकसद रोहतक ब्लाक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुमित मकड़ौली की जगह किसी अन्य सरपंच को प्रधान बनाना था।
मायना गांव के सरपंच प्रतिनिधि दिनेश ने बताया कि एसोसिएशन के प्रधान और मकड़ौली के सरपंच सुमित आर्य को कुछ लोग हटाना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया इसमें सिर्फ दस सरपंच सुमित को हटाने के पक्ष में हैं जबकि बाकी सभी लोग सुमित आर्य को अपना समर्थन दिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि रोहतक ब्लॉक में कुल 47 गांव हैं। इसमें से 47 सरपंच ने मिलकर सर्वसम्मति से मकड़ौली के सरपंच सुमित को एसोसिएशन का प्रधान चुना था इसलिए उन्हें हटाने की कोई बात नहीं है।