नोटबंदी का एक साल पूरा, शिक्षक महिलाओं का पीएम से सवाल ---
काले धन पर अटैक का आउटपुट नहीं दिख रहा
- काला धन रखने वालों की सूची की जाए सार्वजनिक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नोटबंदी पर एक साल हो गया है। शिक्षित महिलाओं ने कहा कि पीएम मोदी ने नोटबंदी को कालेधन पर अटैक बताया, लेकिन एक साल बाद भी आउटपुट दिखाई नहीं दे रहा है। महिलाओं ने पीएम से आग्रह किया है कि कालेधन रखने वालों की पहचान सार्वजनिक की जाए, ताकि समाज के अंदर एक सकारात्मक संदेश जाए। महिला शिक्षक मीनू मनचंदा, गीता गुप्ता, कमलेश ढुल व सुदेश गुप्ता ने भी पीएम के फैसले की सराहना की, लेकिन काला धन रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
नोटबंदी का फैसला कष्ट देना वाला था। रात के समय बैंकों के बाहर लाइन में लगना पड़ा। सैलरी भी निकाल चुके थे। पीएम मोदी को निष्पक्ष तरीके से जांच करके काला धन रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करानी चाहिए। - नीलम हुड्डा, लेक्चरर महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय
अचानक नोटबंदी होने से काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उम्मीद थी दूसरे की दशा व दिशा बदल जाएगी, लेकिन क्या असर हुआ अब तक पता नहीं। सख्ती से काला धन रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - संगीता गुप्ता, लेक्चरर, वैश्य महिला कालेज
नोटबंदी के बाद घर पर पुरानी नकदी पड़ी थी, लेकिन किसी काम की नहीं रही। बैंक में लाइन में लगने के बावजूद 2 हजार का नोट मिल रहा था, जिसे कोई लेने के लिए तैयार नहीं था। घर का जरूरी सामान खरीदने के लिए उधार में काम चलाना पड़ा। लोगों ने पीएम मोदी का साथ देने के लिए काफी कष्ट सहन किए हैं। लोगों का यह संघर्ष व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। - डॉक्टर अमृता, लेक्चरर राजकीय महिला कॉलेज
नाटक देखने के लिए टीवी ऑन किया तो नोटबंदी की पीएम घोषणा करते नजर आए। 500 और 1000 का नोट बंद होने से एकदम झटका लगा। घर पर सब्जी, दूध व परचून वाले को कहां से पैसे देंगे। यहीं सवाल रात भर दिमाग में चलता रहा। किसी तरह उधार से काम चलना पड़ा। - उर्वशी, लेक्चरर वैश्य महिला कॉलेज
पीएम मोदी ने अच्छा फैसला लिया था। पब्लिक से जुड़ा हुआ कदम रहा, लेकिन नोटबंदी के इस फैसले से उभरने में एक माह लग गया। छुट्टी लेकर पुराने नोट बैंक में जमा कराने पड़े और नए लेकर आए। अब पीएम मोदी को कालाधन रखने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। - कविता, लेक्चरर वैश्य महिला कॉलेज