उचाना में शहर की सरकार के लिए प्रयास तेज
जींद।
चार दिन पहले उचाना नगरपालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद एक बार फिर से पालिका की राजनीति गर्मा गई है। शहर की सरकार बनाने के लिए प्रयास तेज हो चलें हैं। इसके लिए नौ पार्षद और उनके प्रतिनिधि वीरवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की मीटिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से मिले। इस दौरान पार्षदों ने कहा कि जिसको भी चौधरी बीरेंद्र सिंह चाहें, उसी को चेयरपर्सन बना दें। गौरतलब है कि उचाना नगरपालिका की पूर्व चेयरपर्सन वीना देवी के खिलाफ दस पार्षदों ने लंबे समय से मोर्चा खोल रखा था। कुल 13 पार्षदों वाली उचाना नगरपालिका में 24 जुलाई को दस पार्षदों ने एकजुट होकर वीणा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया और उन्हें पद से हटा दिया। अविश्वास प्रस्ताव में पहुंचने वाले पार्षदों में से सात महिला, तीन पुरुष पार्षद थे। अविश्वास जताने वाले पार्षदों में वार्ड नंबर एक से पार्षद एवं वाइस चेयरमैन रणधीर पांचाल, वार्ड दो से विद्या सागर, तीन से कमलेश श्योकंद, वार्ड चार से विकास श्योकंद, वार्ड छह से रेखा रानी, वार्ड नंबर आठ से रेखा रानी, वार्ड नंबर दस नीलम, वार्ड 11 से गुरमीत, वार्ड 12 से मुकेश, वार्ड 13 से राजेश कुमारी शामिल रहे थे। वहीं चौधरी बीरेंद्र सिंह से नौ पार्षद मिले हैं। हालांकि इन पार्षदों ने चौधरी बीरेंद्र सिंह को सभी दसों पार्षदों की एकजुटता की बात कही है।
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महिला के लिए आरक्षित है चेयरपर्सन का पद
इस बार उचाना नगरपालिका में चेयरपर्सन का पद महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में चौधरी बीरेंद्र सिंह से मिलने वाले नौ पार्षदों में से छह महिला पार्षदों के प्रतिनिधि हैं। इनमें से वार्ड नंबर 13 से पार्षद राजेश कुमारी का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उनकी ओर से पार्षद के पति रमेश कुमार चौधरी बीरेंद्र सिंह से मिले।